बैतूल (सुरेन्द्र बावने)। भारत की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरुवार को मध्य प्रदेश के बैतूल जिले पहुंचीं और आदिवासी समाज के उत्थान पर जोर देते हुए ऐतिहासिक संबोधन दिया। लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा आयोजित “आध्यात्मिक जागृति द्वारा आदिवासी समाज का सशक्तिकरण महासम्मेलन” में राष्ट्रपति ने विकास के नए आयामों पर प्रकाश डाला।


राष्ट्रपति मुर्मू का हेलीकॉप्टर मिलानपुर स्थित हेलीपैड पर उतरा। यहां केंद्रीय राज्य मंत्री डीडी उइके, प्रदेश प्रभारी मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल ने उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद काफिले के साथ राष्ट्रपति कार्यक्रम स्थल पहुंचीं, जहां ब्रह्माकुमारी संस्थान के पदाधिकारियों ने आत्मीय अभिनंदन किया।


महासम्मेलन में मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल, प्रभारी मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। केंद्रीय राज्य मंत्री डीडी उइके और राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने राष्ट्रपति के बैतूल दौरे को जिले के लिए गौरवपूर्ण पल बताया और उनके प्रति आभार व्यक्त किया।


राष्ट्रपति का संबोधन


अपने उद्बोधन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आध्यात्मिक मूल्यों, सामाजिक जागरूकता और आदिवासी समाज के सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत निश्चित रूप से विकसित राष्ट्र बनेगा और इसमें आदिवासी समाज की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।


राष्ट्रपति के आगमन से पूरे जिले में उत्साह का माहौल छाया रहा। हजारों की संख्या में लोग कार्यक्रम में शामिल हुए और राष्ट्रपति के संदेश को आत्मसात करने का अवसर प्राप्त किया।


आदिवासी समाज के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम


यह कार्यक्रम आदिवासी समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। राष्ट्रपति मुर्मू के संबोधन से न केवल बैतूलवासियों बल्कि पूरे देश के आदिवासी समाज में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।