पन्ना, अमित सिंह। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले अंतर्गत आने वाली ककरहटी पुलिस चौकी में उस वक्त अफरा-तफरी और हंगामे की स्थिति बन गई, जब एक युवक ने चौकी परिसर में पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए तीखी बहस शुरू कर दी। युवक का आरोप है कि वह अपनी शिकायत लेकर चौकी पहुंचा था, लेकिन पुलिस ने न तो उसकी प्राथमिकी (FIR) दर्ज की और न ही दिए गए शिकायती आवेदन की कोई पावती (रिसीविंग) दी। आक्रोशित युवक ने चौकी में पदस्थ मुंशी पर अपराधियों को संरक्षण देने और खुलेआम गुंडागर्दी को बढ़ावा देने जैसे बेहद संगीन आरोप जड़ दिए। पुलिस चौकी के भीतर हुए इस पूरे विवाद का वीडियो किसी ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो में नजर आ रहा युवक सोनू चौधरी बताया जा रहा है, जो ककरहटी चौकी के अंदर पुलिसकर्मियों के सामने अपनी नाराजगी जाहिर करता दिख रहा है। युवक का कहना है कि वह एक मामले में न्याय की गुहार लेकर पुलिस के पास आया था, लेकिन घंटों बीत जाने के बाद भी उसकी सुनवाई नहीं हुई। थाने-चौकियों में शिकायत दर्ज कराने आने वाले आम नागरिकों को पावती देने के स्पष्ट नियमों के बावजूद जब उसे रसीद नहीं दी गई, तो उसका सब्र टूट गया। वीडियो में युवक तैश में आकर पुलिस व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करते हुए साफ तौर पर यह कहता सुनाई दे रहा है कि "मुंशी जी गुंडों को पालते हैं और उन्हें बढ़ावा देते हैं।"
पुलिस चौकी के भीतर मुंशी और स्टाफ पर सीधे तौर पर पक्षपात और अपराधियों से साठगांठ के आरोप लगाने का यह वीडियो सामने आने के बाद महकमे में हड़कंप मच गया है। आम नागरिकों और सोशल मीडिया पर लोग पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं कि आखिर पीड़ित को आवेदन की पावती देने में क्या अड़चन थी। हालांकि, युवक किस मामले की शिकायत लेकर चौकी पहुंचा था और पुलिस ने उसके आवेदन पर अब तक क्या प्राथमिक जांच या कार्रवाई की है, इसको लेकर अभी तक स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
जिले में कानून-व्यवस्था और थानों में जनसुनवाई के दावों के बीच ककरहटी चौकी से सामने आया यह वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस अधीक्षक और वरिष्ठ अधिकारी इस पूरे घटनाक्रम की जांच कराकर क्या कदम उठाते हैं, ताकि युवक के आरोपों की सत्यता और पुलिसकर्मियों की भूमिका स्पष्ट हो सके।













