मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) नेता और सांसद संजय राउत ने मुंबई पुलिस कमिश्नर देवेन भारती को पत्र लिखा है। उन्होंने शिवसेना-यूबीटी छोड़कर एकनाथ शिंदे के गुट में शामिल हुए सांसद संजय पाटिल पर धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इसके साथ ही, राउत ने सांसद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है।
संजय राउत ने कथित बयानों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि 'बागी' सांसद संजय पाटिल ने प्रदर्शनकारियों को जान से मारने की धमकी दी है। राउत ने कहा कि संजय पाटिल के सभी बयान आतंकवाद और आपराधिक गतिविधियों में उनकी संलिप्तता का सबूत हैं। उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए, वरना मुझे जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाने पर मजबूर होना पड़ेगा।
उन्होंने आगे कहा, "सांसद पाटिल की धमकियों ने समाज में डर का माहौल बना दिया है। मैं यहां स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि अगर इस दौरान किसी राजनीतिक कार्यकर्ता पर हमला या हत्या होती है, तो इसके लिए पूरी तरह से संजय पाटिल जिम्मेदार होंगे।"
मुंबई पुलिस कमिश्नर देवेन भारती को भेजे अपने पत्र में शिवसेना-यूबीटी के सांसद ने लिखा, "मैं आपका ध्यान एक गंभीर मामले की ओर दिलाना चाहता हूं। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब) पार्टी से अलग हुए छह सांसद पूरे देश में जनता की नाराजगी का शिकार बन गए हैं। इस दल-बदल को लेकर महाराष्ट्र के लोगों में भारी आक्रोश है। खुद को ठगा हुआ महसूस करते हुए मतदाता कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। विरोध करना और चुने हुए प्रतिनिधियों को जवाबदेह ठहराना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है। हालांकि, उत्तर-पूर्व मुंबई के 'बागी' सांसद संजय पाटिल ने प्रदर्शनकारियों को जान से मारने की धमकी दी है।"
संजय राउत के अनुसार, सांसद पाटिल ने प्रदर्शनकारियों को धमकी देते हुए अपने तथाकथित बयान में कहा, "मुझसे पंगा मत लो। मेरे खिलाफ विरोध करने से पहले अपना जीवन बीमा (लाइफ इंश्योरेंस) करवा लो। मैं तुम्हें सीधे श्मशान या अस्पताल भेज दूंगा।" धमकी देते हुए वे आगे कहते हैं, "मैंने पहले भी पांच लोगों को मारा है। अगर कोई मेरे खिलाफ विरोध करेगा, तो मैं उन पर बम फेंकूंगा। मैं उनके घरों में घुसकर उन्हें मार डालूंगा।"
शिवसेना-यूबीटी सांसद ने अपने पत्र में कहा, "इस बात की जांच होनी चाहिए कि वे पांच लोग कौन थे और संजय पाटिल ने उन्हें कब और क्यों मारा। चूंकि आरोपी ने खुद यह बात मानी है, इसलिए उनके खिलाफ तुरंत हत्या का मामला दर्ज किया जाना चाहिए।"
संजय राउत ने लिखा, "मुंबई पुलिस आयुक्त देवन भारती, एक सांसद का बम फेंकने की धमकी देना चिंताजनक है। अगर उन्होंने ये बम घर पर बनाए हैं, तो एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (एटीएस) की मदद से उनके घर की तुरंत तलाशी ली जानी चाहिए। अगर उन्हें ये बम किसी आतंकवादी समूह से मिले हैं, तो इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का गंभीर मामला माना जाना चाहिए और आतंकवादी व राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण उन्हें तुरंत यूएपीए के तहत गिरफ्तार किया जाना चाहिए।"














