गोंडा। भारतीय जनता पार्टी के नेता बृजभूषण शरण सिंह ने आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह द्वारा उठाए गए जातिवाद के आरोप पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर में हुई टाइपिंग की गलती को जातिवाद का विषैला बीज बोने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, यह छोटी मानसिकता है। वहीं, पंजाब में राहुल गांधी के नेतृत्व में चुनाव लड़ने को लेकर भी उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर तंज कसा।कांग्रेस ने ऐलान किया है कि राहुल गांधी के चेहरे पर पंजाब चुनाव लड़ा जाएगा। इसके साथ ही कांग्रेस ने यह आरोप भी लगाए हैं कि वहां ड्रग्स माफिया और नशे का कारोबार चल रहा है। इसे लेकर भाजपा नेता ने कहा कि भारत के गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि हम पंजाब को नशामुक्त करेंगे। नशा मुक्ति या नशे का असर कांग्रेस पार्टी पर पड़ गया है। वहां नशामुक्ति तो नहीं हुई है, लेकिन यहां कांग्रेस को नशा हो गया है।

राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जिस आदमी के नेतृत्व में 99 चुनाव हारने का रिकॉर्ड हो, उसी के नेतृत्व में कांग्रेस पंजाब में चुनाव लड़ेगी। लगता है कि नशामुक्ति का कार्यक्रम, जो गृह मंत्री अमित शाह ने चलाया है, उसका असर कांग्रेस पार्टी पर पड़ गया है।

वहीं, संजय सिंह की ओर से लगाए गए आरोपों पर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि समाज में विभिन्न समुदायों और परिस्थितियों को लेकर समय-समय पर अनेक कहावतें और मुहावरे प्रचलित रहे हैं। लोगों ने अपने-अपने हिसाब से मुहावरे बनाए हैं। जहां तक संजय सिंह ने जो प्रकरण उठाया है, यह दुर्भाग्य है कि नेता लोग ऐसे विषय में फंस जाते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यसभा सांसद संजय सिंह द्वारा उठाया गया विवाद एक टाइपिंग त्रुटि से जुड़ा मामला है। उनके अनुसार, कंप्यूटर में "रामहित यादव" नाम दर्ज करते समय "हित" की जगह "हिट" लिख दिया गया था। सिंह ने कहा कि इस त्रुटि को आधार बनाकर जातिगत विभाजन पैदा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा, "उस गलती को निकालकर ये जातिवाद का जो विषैला बीज है, उसको बोने की कोशिश कर रहे हैं। इनकी कितनी छोटी मानसिकता है।"

एक अन्य टिप्पणी में बृजभूषण शरण सिंह ने गोस्वामी तुलसीदास की एक चर्चित चौपाई का उल्लेख करते हुए कहा कि उसमें प्रयुक्त "ताड़न" शब्द का अर्थ "देखभाल" या "निगरानी" करना है। उन्होंने कहा कि बच्चों तथा सामाजिक रूप से कमजोर या कम शिक्षित वर्गों को विशेष देखरेख और मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। उनके मुताबिक, समय के साथ इस शब्द के अर्थ की अलग-अलग व्याख्याएं की गईं, जिसके कारण विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई।

बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि अब ये संजय सिंह को कौन समझाए कि आप इतनी छोटी चीज लेकर राजनीति में आ रहे हैं। आप मंत्री रह चुके हैं, दिल्ली में आपकी सरकार रह चुकी है। अब आप कंप्यूटर की एक गलती को मुद्दा बना रहे हैं और इस पर ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग रहे हैं। यह शोभा नहीं देता है। ऐसा नहीं करना चाहिए। समाज को बांटना नहीं चाहिए।