पटना। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़े छात्रों और युवाओं ने शुक्रवार को पटना में लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा की रक्षा की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।

'लोकतंत्र बचाओ—अराजकता बंद करो' नारे के तहत निकाला गया यह मार्च गांधी मैदान से शुरू हुआ। जब प्रदर्शनकारी जेपी गोलंबर पहुंचे, तो उनमें से कुछ ने पुलिस बैरिकेड तोड़ दिए और डाक बंगला चौराहे की ओर बढ़ गए, जिससे इलाके में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई।

जिला प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए दोनों लेन पर बैरिकेड लगा दिए थे। कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल, वाटर कैनन और वज्र (दंगा नियंत्रण वाहन) तैनात किए गए थे।

सुरक्षा व्यवस्था और भारी बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने अपना मार्च जारी रखा और बैरिकेड पार करने में सफल रहे।

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डीयूएसयू) के अध्यक्ष यश डबास भी प्रमुख प्रतिभागियों में से एक थे। खराब मौसम के बावजूद वे एक बैरिकेड पर चढ़ गए और प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया।

अपने राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाते हुए डबास ने आरोप लगाया कि जो लोग अब संविधान की रक्षा की बात कर रहे हैं, वे स्वयं देश में अव्यवस्था फैला रहे हैं। उन्होंने आपातकाल का भी जिक्र किया और पिछली पीढ़ियों पर उस दौरान संवैधानिक मूल्यों को कमजोर करने का आरोप लगाया।

विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर मध्य पटना में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और प्रदर्शनकारियों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया।

एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कहा कि उनका प्रदर्शन लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं के कामकाज को लेकर चिंता व्यक्त करने के उद्देश्य से था। उनके मार्च और प्रदर्शन के दौरान लगाए गए नारों ने बिहार के राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे को सुर्खियों में ला दिया।

इंडिया ब्लॉक ने 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली का प्रस्ताव रखा है, जिसमें 20 से अधिक दलों के नेताओं के उपस्थित होने की उम्मीद है।

राजद राज्यसभा सांसद संजय यादव ने इंडिया ब्लॉक की रैली के संबंध में कहा कि बिहार से बड़ी संख्या में लोग दिल्ली आ रहे हैं। जो लोग ट्रेन से नहीं आ सकते, वे सड़क मार्ग से आ रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली की सीमा पर विभिन्न बिंदुओं पर लोगों को रोका जा रहा है, जिनमें हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे पड़ोसी राज्यों से आने वाले लोग भी शामिल हैं।