छतरपुर, संजय अवस्थी। महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में मंगलवार को एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन में व्याप्त भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। ढोल-नगाड़ों के साथ पहुंचे प्रदर्शनकारियों के कारण परिसर में अफरा-तफरी मच गई और कार्य परिषद की बैठक के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति निर्मित हो गई।
विश्वविद्यालय में पूर्व से प्रस्तावित कार्य परिषद की बैठक का विरोध करने और महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपने के उद्देश्य से कांग्रेस और एनएसयूआई के पदाधिकारी कैंपस पहुंचे थे। प्रदर्शन के दौरान जब कार्य परिषद के पदाधिकारी कुलगुरु के चेंबर में जाने के लिए पीछे के गेट का सहारा ले रहे थे, तभी प्रदर्शनकारी उन्हें देखते ही दौड़ पड़े। इसके बाद छात्र नेताओं ने कुलगुरु चेंबर में चल रही कार्यपरिषद की बैठक में पहुंचकर जमकर नारेबाजी की और जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों की कुलगुरू से तीखी बहस भी हुई।
प्रदर्शनकारियों ने कुलगुरु राकेश कुशवाह और विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए महामहिम राज्यपाल को प्रेषित ज्ञापन में बताया कि विश्वविद्यालय में अतिथि विद्वान, सहायक प्राध्यापक और सह-प्राध्यापक भर्ती प्रक्रिया में भारी धांधली और अनियमितताएं की जा रही हैं। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि योग्य और अनुभवी शिक्षकों को हटाकर सीधी भर्ती के नाम पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है तथा यूजीसी और एमपीपीएससी के नियमों की अनदेखी की जा रही है। इसके अलावा उत्तर पुस्तिकाओं की खरीद, ई-लाइब्रेरी कंप्यूटर खरीदी, और सुविधाओं के रखरखाव में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप भी लगाए गए हैं।
इस प्रदर्शन के दौरान यूथ कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष लोकेंद्र वर्मा, एनएसयूआई के पूर्व जिलाध्यक्ष राजवर्धन मिश्रा, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष विवेक अग्रवाल, अश्वनी मिश्रा और भरत सिंह, विशाल शर्मा, दिनेश अहिरवार, ऋषि शर्मा, फूलचन्द्र, निक्की पाठक, प्रेम अहिरवार, सुरेन्द्र सहित बड़ी संख्या में छात्र एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।




