छिंदवाड़ा, जीशान अंसारी। शारदीय नवरात्रि और दशहरा पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। रविवार 11 अक्टूबर से शुरू होने वाले शारदीय नवरात्रि को लेकर गुरुवार को कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने की, जबकि पुलिस अधीक्षक अजय पाण्डेय सहित प्रशासन, पुलिस, नगर निगम और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में दुर्गा पंडाल, डीजे, गरबा, आतिशबाजी, विसर्जन, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इसके बाद कई महत्वपूर्ण निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए।
सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार ही DJ
दुर्गा उत्सव के दौरान डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल को लेकर प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार ही DJ बजाने की अनुमति रहेगी। अत्यधिक तेज आवाज पर रोक रहेगी। डीजे में आपत्तिजनक या किसी की धार्मिक एवं सामाजिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले गाने बजाने पर कार्रवाई की जाएगी। दुर्गा पंडाल और गरबा आयोजनों में भक्ति गीत एवं शालीन संगीत को ही प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
फव्वारा चौक और पेट्रोल पंप के पास आतिशबाजी पर रोक
सुरक्षा के मद्देनजर घनी बस्तियों, संकरे रास्तों, फव्वारा चौक और पेट्रोल पंपों के आसपास आतिशबाजी पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। ट्रांसफार्मर के आसपास भी दुर्गा पंडाल नहीं लगाने की समझाइश दी गई है। प्रशासन ने सभी आयोजकों को बिजली और आग से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।
रात 10 बजे तक ही होगा गरबा
गरबा आयोजनों को लेकर भी प्रशासन ने नियम तय किए हैं। गरबा कार्यक्रम रात 10 बजे तक ही आयोजित किए जा सकेंगे। गरबा आयोजन के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। आयोजकों को प्रवेश व्यवस्था, CCTV कैमरे और गेट पर वालंटियर की व्यवस्था करनी होगी। परिचय पत्र के आधार पर प्रवेश देने के निर्देश दिए गए हैं। गरबा स्थलों पर पुलिस बल के साथ सिविल ड्रेस में भी पुलिसकर्मियों की तैनाती रहेगी।
नए स्थान पर पंडाल के लिए पहले लेनी होगी अनुमति
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दुर्गा पंडाल ऐसे स्थानों पर नहीं लगाए जाएं, जिससे यातायात प्रभावित हो। पूर्व से चिन्हित स्थानों पर ही पंडाल लगाने को प्राथमिकता दी जाएगी। यदि किसी नए स्थान पर पंडाल लगाया जाना है तो पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। पंडालों में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम, साफ-सफाई और डस्टबिन की व्यवस्था भी करनी होगी। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। पंडाल में रात के समय वालंटियर की मौजूदगी भी अनिवार्य रहेगी।
20 अक्टूबर को दशहरा, 6:30 बजे होगा रावण दहन
बैठक में बताया गया कि 20 अक्टूबर को दशहरा पर्व मनाया जाएगा। दशहरा मैदान में शाम 6:30 बजे रावण दहन किया जाएगा। सुरक्षा को देखते हुए रावण के पुतले के आसपास पर्याप्त दूरी तक बैरिकेडिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अधीक्षक ने रावण दहन स्थल के नजदीक फायर ब्रिगेड की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा है।
विसर्जन स्थलों पर तैराक और SDRF की टीम
दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन 20 अक्टूबर से 21 अक्टूबर की रात तक किया जाएगा। प्रमुख विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे। छोटा तालाब, नागपुर रोड कुलबहरा नदी, बोदरी नदी, सिंगोड़ी पेंच नदी और काराबोह में नगर निगम, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, होमगार्ड और SDRF की टीमें तैनात रहेंगी। प्रमुख स्थानों पर तैराकों की व्यवस्था भी की जाएगी।
एक बाइक पर तीन सवारी और ओवरस्पीडिंग पर सख्ती
पुलिस अधीक्षक अजय पाण्डेय ने कहा कि पर्व के दौरान शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को व्यवस्थित रखा जाएगा। एक बाइक पर तीन सवारी की अनुमति नहीं होगी और ओवरस्पीडिंग पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। झांकियों और चल समारोहों में किसी भी प्रकार के हथियार के इस्तेमाल पर रोक रहेगी। सोशल मीडिया पर भी पुलिस की कड़ी नजर रहेगी।
पंडालों में 24 घंटे आयोजक समिति का प्रतिनिधि जरूरी
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रत्येक दुर्गा पंडाल में आयोजक समिति के प्रतिनिधि की 24 घंटे मौजूदगी अनिवार्य की गई है। नगर निगम को मुख्य मार्गों, दशहरा मैदान और विसर्जन स्थलों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, पानी, सफाई और सड़कों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं बिजली विभाग को खुले और झूलते बिजली के तारों को सुरक्षित करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने की शांतिपूर्ण आयोजन की अपील
कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने पूर्व में सफलतापूर्वक आयोजित किए गए पर्वों के लिए सभी का आभार जताते हुए कहा कि इस बार भी दुर्गा उत्सव और दशहरा हर्षोल्लास, शांति और सद्भाव के साथ मनाया जाए। उन्होंने कहा कि गरबा देवी भक्ति का माध्यम है, इसलिए ऐसे गीतों से बचना चाहिए जो संस्कृति या किसी की भावना के विपरीत हों। वहीं पुलिस अधीक्षक अजय पाण्डेय ने कहा कि पर्व के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रहेगी। प्रशासन और पुलिस ने शांति समिति के सदस्यों को सभी नियमों का पालन सुनिश्चित कराने का भरोसा दिया। समिति के सदस्यों ने भी पर्व के दौरान प्रशासन और पुलिस को पूर्ण सहयोग देने की बात कही।














