दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह रेलवे स्टेशन पर टिकट जांच के दौरान एक छात्र के साथ टीसी द्वारा कथित तौर पर मारपीट और अभद्रता करने का मामला सामने आया है। पीड़ित छात्र प्रिंस अवस्थी (एमएससी छात्र) ने बताया कि 19 अगस्त को उसकी परीक्षा थी। गांव से शहर की दूरी करीब 50 किलोमीटर होने और आवागमन के साधन सीमित होने के कारण वह परीक्षा से एक दिन पहले शाम को मेमो ट्रेन (क्रमांक 11602) से दमोह आ रहा था। संगौनी स्टेशन पर दौड़कर ट्रेन पकड़ने के कारण वह टिकट नहीं ले सका था। शाम करीब 5:53 बजे दमोह स्टेशन पर उतरने के बाद जब उससे टिकट मांगा गया, तो उसने स्पष्ट रूप से नियमानुसार पेनल्टी भरकर टिकट बनाने का अनुरोध किया। आरोप है कि रसीद काटने के बजाय ड्यूटी पर तैनात टीसी ने उसके साथ बदसलूकी और धक्का-मुक्की शुरू कर दी।
बिना नेमप्लेट वाले टीसी पर कमरे में बंद कर पीटने का आरोप
छात्र प्रिंस अवस्थी के अनुसार, संबंधित रेलकर्मी ने नेमप्लेट नहीं लगा रखी थी। आरोप है कि टीसी उसे स्टेशन के एक ऐसे कमरे में ले गया जहां सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा था। वहां छात्र से उसका मोबाइल छीनने का प्रयास किया गया और कथित तौर पर उसे थप्पड़ व लात-घूंसों से पीटा गया। इसके बाद दबाव बनाकर उससे 200 रुपये का भुगतान कराया गया। पीड़ित का कहना है कि यदि उसने बिना टिकट यात्रा की थी, तो रेलवे नियमों के तहत जुर्माना वसूलना नियमानुकूल था, लेकिन कानून हाथ में लेकर मारपीट करने का अधिकार किसी रेलकर्मी को नहीं है।
रेलवे हेल्पलाइन 139 पर शिकायत दर्ज, वापस लेने का आया फोन
घटना के तुरंत बाद पीड़ित छात्र ने रेलवे की आधिकारिक हेल्पलाइन 139 पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। छात्र का दावा है कि शिकायत दर्ज होते ही एक मोबाइल नंबर (7701085668) से उसके पास फोन आया और शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया। छात्र ने बताया कि उसके पास उक्त कॉल की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सुरक्षित है। जब इस संबंध में पक्ष जानने के लिए संबंधित नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो कॉल रिसीव नहीं की गई और नंबर को ब्लॉक कर दिया गया।
सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की मांग, स्टेशन मास्टर बोले- कराएंगे जांच
छात्र ने उच्च रेलवे अधिकारियों से घटना के समय के स्टेशन परिसर के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने और आरोपी टीसी की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कानूनी व विभागीय कार्रवाई करने की मांग की है। इस पूरे घटनाक्रम पर दमोह स्टेशन मास्टर मनोज सराफ ने कहा कि मामले की जानकारी ली जा रही है कि उस समय प्लेटफॉर्म पर किसकी ड्यूटी लगाई गई थी। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच (इंक्वायरी) कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।




