हैदराबाद। तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार अल्पसंख्यकों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास के साथ-साथ उनके लिए जरूरी बुनियादी ढांचे के निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार हैदराबाद के पुराने शहर (ओल्ड सिटी) के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है और इसके लिए आवश्यक धनराशि आवंटित की जा रही है।
उपमुख्यमंत्री ने अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने और उनके भविष्य की मजबूत नींव तैयार करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
शुक्रवार को आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने अल्पसंख्यकों के कल्याण और विकास से जुड़े कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उनके साथ अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद अजहरुद्दीन भी मौजूद रहे।
बैठक में अल्पसंख्यकों की शैक्षणिक प्रगति, कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, शैक्षणिक संस्थानों के निर्माण, स्टडी सर्किल की स्थापना और पुराने शहर के विकास समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
उपमुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि अल्पसंख्यक समुदाय के लिए शैक्षणिक अवसरों का विस्तार करने से जुड़े बजट और धनराशि जारी करने में कोई देरी या बाधा नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नामपल्ली स्थित हज हाउस के पास कई वर्षों से अधूरी पड़ी बहुमंजिला इमारत का निर्माण पूरा करने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाए।
उन्होंने कहा कि सड़क चौड़ीकरण परियोजनाओं में वक्फ की जमीन के इस्तेमाल के बदले ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) पर वक्फ बोर्ड की बकाया राशि में से 25 करोड़ रुपये इस इमारत का निर्माण पूरा करने के लिए आवंटित किए जाएं। उन्होंने निर्माण कार्य में तेजी लाने और इमारत को जल्द से जल्द चालू करने पर जोर दिया। उनके मुताबिक, इस इमारत में अल्पसंख्यक विद्यार्थियों के लिए स्टडी सर्किल और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के विभिन्न कार्यालय स्थापित किए जा सकते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक बुनियादी ढांचे के निर्माण से जुड़े बिलों के भुगतान में देरी नहीं होनी चाहिए। अधिकारियों को स्कूलों, स्टडी सर्किल और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए जरूरी धनराशि समय पर जारी करने का निर्देश दिया गया।
जीएचएमसी के अधिकारियों को मोगलपुरा और बंदलागुडा क्षेत्रों में दो स्टडी सर्किल स्थापित करने में आने वाली बाधाओं को दूर करने के भी निर्देश दिए गए। इस दौरान राज्य विधानसभा में एआईएमआईएम के फ्लोर लीडर अकबरुद्दीन ओवैसी ने इन स्टडी सर्किल के लिए आवश्यक भवन उपलब्ध कराने की इच्छा जताई।
बैठक में यह भी बताया गया कि अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को विदेश में उच्च शिक्षा हासिल करने के अधिक अवसर देने के लिए ओवरसीज स्कॉलरशिप योजना का दायरा बढ़ाया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत उच्च शिक्षा के लिए पात्र विद्यार्थियों को जिन देशों में जाने की अनुमति है, उनकी सूची में मिस्र और सऊदी अरब को शामिल करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
बैठक में अल्पसंख्यकों के कल्याण से जुड़ी 'शादी मुबारक' योजना, इस्लामिक कल्चरल सेंटर के लिए वैकल्पिक जमीन आवंटित करने, 'राजीव युवा विकास' योजना के तहत अल्पसंख्यकों के आवेदनों पर कार्रवाई और प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के वितरण जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

















