भोपाल, जीतेन्द्र यादव। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राष्ट्रपति के मध्यप्रदेश दौरे को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि राष्ट्रपति ने बीजेपी और RSS की विचारधारा को किनारे करते हुए आदिवासियों के सम्मान का मुद्दा उठाया। उन्होंने इसे कांग्रेस की भावना का सम्मान बताया और राष्ट्रपति को धन्यवाद दिया।
पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “राष्ट्रपति ने बहुत बड़ा बयान दिया है। उन्होंने आदिवासियों को वनवासी कहे जाने को अपमान करार दिया। कांग्रेस हमेशा से इसका विरोध करती आई है। राष्ट्रपति ने कांग्रेस की इस भावना को आत्मसात किया, मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं।”
आदिवासी जमीन घोटाले की मांग, 1.36 लाख हेक्टेयर जमीन बिकी
पटवारी ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर आदिवासियों से जुड़े कई मुद्दे उठाए। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में करीब 1 करोड़ 53 लाख आदिवासी परिवार रहते हैं। राज्य में आदिवासी समाज की जमीन अन्य लोग नहीं खरीद सकते, लेकिन बीजेपी के विधायकों, मंत्रियों, नेताओं और उद्योगपतियों की मिलीभगत से 1 लाख 36 हजार हेक्टेयर आदिवासी जमीन बिक चुकी है।
उन्होंने मांग की कि राष्ट्रपति इसकी जांच कराएं और समीक्षा हो। पटवारी ने चेतावनी दी, “अगर 2028 में कांग्रेस की सरकार बनी तो इसकी पूरी समीक्षा की जाएगी।”
शिक्षा, नौकरियां और गुमशुदा आदिवासी बहनों का मुद्दा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आदिवासियों की शिक्षा के लिए अलग कानून बनाने और मुफ्त शिक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही SC-ST समाज के बैकलॉग पदों को तुरंत भरा जाए।
पटवारी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मध्यप्रदेश से पौने तीन लाख आदिवासी बहनें गायब हो चुकी हैं, जिनका आज तक सत्यापन नहीं हुआ है।
CM पर तीखा हमला, बोले- “नौसिखिया” कौन?
मुख्यमंत्री द्वारा जीतू पटवारी को “नौसिखिया” कहे जाने पर पटवारी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री हमारे सवालों से डरते हैं, इसलिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल करते हैं। नौसिखिया वह होता है जो सरकार चलाने की बजाय गाड़ी दे रहा है। सवाल पूछने वाला नौसिखिया नहीं होता।”
पटवारी ने आगे कहा कि अगर उन्हें “दो कौड़ी का” या “पप्पू का चप्पू” कहा गया तो भी धन्यवाद, क्योंकि ऐसी गालियां उन्हें फायदा पहुंचाएंगी।
दिग्विजय सिंह के साथ रिश्ता- पिता-पुत्र जैसा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जीतू पटवारी और दिग्विजय सिंह के वायरल वीडियो पर सवाल उठने पर पटवारी ने स्पष्ट किया, “मेरा और दिग्विजय सिंह का रिश्ता पिता-पुत्र जैसा है। उन्होंने मुझे हमेशा सपोर्ट किया है। बीजेपी ने वीडियो को मैनिपुलेट किया है। समय सब बताएगा।”
राष्ट्रपति और राज्यपाल दोनों आदिवासी होने का जिक्र करते हुए पटवारी ने उम्मीद जताई कि दोनों संवैधानिक पदों पर बैठे लोग आदिवासी समाज के हितों की रक्षा करेंगे।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के इन तीखे हमलों से मध्यप्रदेश में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। आदिवासी वोट बैंक को लेकर सियासी सरगर्मी अब और बढ़ने वाली है।

