भोपाल। भोपाल नगर निगम और जिला प्रशासन ने गणेश प्रतिमा विसर्जन एवं चल समारोह को देखते हुए शहर के प्रमुख घाटों और विसर्जन स्थलों पर व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और घाटों पर होने वाले हादसों को रोकने के लिए आम लोगों को पानी में उतरने से पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा।


24 से ज्यादा स्थानों पर कलेक्शन स्टॉल; निगम करेगा सामूहिक विसर्जन

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नगर निगम दो दर्जन से अधिक स्थानों पर मूर्ति संग्रहण (कलेक्शन) स्टॉल स्थापित कर रहा है। लालघाटी चौराहा, गांधी नगर, करोंद चौराहा, कोलार, रायसेन रोड, अवधपुरी और पुराने शहर के प्रमुख चौराहों पर ये स्टॉल बनाए गए हैं। नागरिक अपनी पूजा की मूर्तियां इन स्टॉलों पर जमा कर सकेंगे, जिसके बाद नगर निगम द्वारा उनका ससम्मान एवं विधि-विधान से सामूहिक विसर्जन किया जाएगा।


7 प्रमुख घाटों पर सुरक्षा तंत्र और व्यापक संसाधन

शहर के 7 प्रमुख विसर्जन स्थलों—प्रेमपुरा, खटलापुरा, रानी कमलापति (आर्च ब्रिज), संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़), हथाईखेड़ा डैम, शाहपुरा और मालीखेड़ी घाट पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। आपात स्थिति और हादसों को रोकने के लिए नगर निगम ने 184 प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती की है। बड़ी प्रतिमाओं को सुरक्षित तरीके से विसर्जित करने के लिए 13 हैवी क्रेन और 12 पोकलेन मशीनों की मदद ली जाएगी। इसके साथ ही, रात के समय बेहतर दृश्यता के लिए सभी विसर्जन घाटों पर 1,090 एलईडी फ्लड लाइट्स और चल समारोह के मार्गों पर 575 अतिरिक्त फ्लड लाइट्स लगाई गई हैं। घाटों पर मौजूद कर्मचारियों को लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय, ट्यूब, रस्सी बंडल और पीए (सार्वजनिक घोषणा) सिस्टम से लैस रखा गया है।


CCTV व पुलिस कंट्रोल रूम से रहेगी नजर

चल समारोह और विसर्जन जुलूस के दौरान घाटों पर अत्यधिक भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए पुलिस कंट्रोल रूम से सीधे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए नगर निगम के कर्मचारियों के साथ-साथ राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल (SDRF) और पुलिस बल की टीमें अलर्ट मोड पर रहेंगी। पिछले दो दिनों में ही प्रमुख घाटों पर 1,500 से अधिक मूर्तियों का सुरक्षित विसर्जन कराया जा चुका है।