छतरपुर। जिले में प्रशासनिक नियमों और प्रोटोकॉल के उल्लंघन को लेकर कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने एक बड़ी और कड़क दंडात्मक कार्रवाई की है। कलेक्टोरेट से जारी आदेश के अनुसार, बिना प्रभारी मंत्री के आवश्यक अनुमोदन (अप्रूवल) के ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय से तीन कर्मचारियों के तबादले कर दिए गए थे। इस गंभीर लापरवाही और नियम विरुद्ध कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाते हुए कलेक्टर ने CMHO कार्यालय में पदस्थ बाबू बबीता खरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है।


प्रशासनिक गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक, तबादलों की इस पूरी प्रक्रिया में नियमों को ताक पर रखा गया, जिसकी जानकारी लगते ही कलेक्टर ने यह त्वरित कार्रवाई की। इस मामले में न केवल बाबू पर गाज गिरी है, बल्कि सूत्रों के अनुसार पूरे घालमेल को लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) पर भी गाज गिर सकती है और उनके खिलाफ भी बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। कलेक्टर की इस कड़क कार्रवाई से जिले के प्रशासनिक महकमों और अन्य विभागों में हड़कंप मच गया है।