हापुड़। उत्तर प्रदेश की राजनीतिक पार्टियां आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों और संगठन को मजबूत करने में जुटी हैं। इसी कड़ी में राज्य के हापुड़ जिले में अलग-अलग दलों के नेता अपने मतदाताओं को पाले में करने और समीकरण साधने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। पिछले चुनावों में तीनों सीटों पर भाजपा ने यहां क्लीन स्वीप किया था।
हापुड़ जिले में कुल 3 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें धौलाना, हापुड़ और गढ़मुक्तेश्वर शामिल हैं। दिलचस्प है कि जिले की तीनों सीटें तीन अलग-अलग संसदीय क्षेत्रों के अंतर्गत आती हैं। इनमें धोलाना, गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है, जबकि हापुड़, मेरठ लोकसभा क्षेत्र और गढ़मुक्तेश्वर, अमरोहा संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है।
2020 के नतीजों में धोलाना विधानसभा सीट पर भाजपा ने कब्जा किया। पार्टी ने धर्मेश सिंह तोमर को प्रत्याशी बनाया था, जिन्होंने 1.12 लाख से अधिक वोटों के अंतर से समाजवादी पार्टी के असलम अली को शिकस्त दी। धर्मेश सिंह तोमर को कुल 1,25,028 वोट मिले थे, जबकि असलम अली कुल 1,12,400 हासिल कर पाए। यहां बसपा ने बासिद और कांग्रेस ने अरविंद शर्मा को टिकट दिया था। इस सीट से पिछली बार कुल 13 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा।
इसी तरह, हापुड़ विधानसभा क्षेत्र में भाजपा ने विजय हासिल की। पार्टी के विजयपाल (आदती) कुल 97,862 वोटों के साथ पहले नंबर पर रहे, जिन्होंने 7 हजार से अधिक वोटों के अंतर से लोकदल के गिरिराज सिंह (कुल वोट 90,828) को हराया। यहां से 2022 में 12 उम्मीदवार उतरे थे।
वहीं, 2022 के विधानसभा चुनाव में गढ़मुक्तेश्वर सीट पर भाजपा के हरेंद्र सिंह विजयी रहे। उन्होंने समाजवादी पार्टी के रवींद्र चौधरी को 26 हजार से अधिक वोटों से हराया। हरेंद्र सिंह को कुल 1,04,113 मतदाताओं ने वोट दिया, जबकि सपा प्रत्याशी को कुल 77,807 वोट हासिल हुए। बसपा के मदन चौहान तीसरे स्थान पर रहे, जिन्हें कुल 43,929 वोट मिले।















