नई दिल्ली। बांग्लादेश में एक रिटायर्ड हिंदू टीचर और उनके परिवार की कथित हत्या की खबर पर विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। वीएचपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने इस घटना की निंदा करते हुए इसे बेहद चिंताजनक बताया और बांग्लादेश सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

विनोद बंसल ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "बांग्लादेश में जिस तरह से चार-पांच हिंदुओं की उनके घर के अंदर बेरहमी से हत्या कर दी गई, और वह भी एक ऐसे टीचर के परिवार की जो हाल ही में रिटायर हुए थे, यह बहुत चिंता की बात है। बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्याओं का यह सिलसिला आखिर कब रुकेगा? जब बांग्लादेश में नई सरकार बनी थी तो उम्मीद थी कि हालात और परिस्थितियां बदलेंगी। एक युवा प्रधानमंत्री आए हैं, जो कम से कम अपने नागरिकों की सुरक्षा तो कर पाएंगे, लेकिन जो दुखद समाचार आया है, वह बहुत ही चिंतनीय और निंदनीय है और सरकार के लिए भी आंखें खोल देने वाला है।"

उन्होंने कहा, "उम्मीद करनी चाहिए कि वर्तमान सरकार इस मामले में कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। गहराई से जांच करेगी और अपराधियों को दंड दिलवाएगी। यह हिंदुओं के मानवाधिकार का हनन है और लगातार होती हत्याओं के सिलसिले पर पूर्ण विराम लगाया जाना बहुत जरूरी है।"

वीएचपी प्रवक्ता ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "हम आशा करते हैं कि अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन कम से कम अपने दायित्व को निभाएंगे और हिंदुओं के मानवाधिकारों के बारे में बोलने पर कभी तो कुछ साहस दिखाएंगे। अभी तक इन संगठनों की चुप्पी दुर्भाग्यपूर्ण है। जो घटनाएं घट रही हैं, वह इस बात को साबित करती है कि किस तरह से पूरे बांग्लादेश का सांस्कृतिक परिवर्तन हो चुका है। यह वही बांग्लादेश था, जहां पर कभी मां काली के जयकारे गूंजते थे। आज वहीं पर जिहादी जुनून सिर चढ़कर बोल रहा है। यह स्थिति बदलनी चाहिए।"