छतरपुर, सुबोध त्रिपाठी। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में एक महिला ने एक अत्यंत दुर्लभ और असामान्य शारीरिक बनावट वाले नवजात शिशु को जन्म दिया है। नवजात के चार हाथ और चार पैर हैं, जबकि उसके ऊपरी हिस्से से एक अन्य अविकसित धड़ जुड़ा हुआ दिखाई दे रहा है। इस अनोखे जन्म की खबर फैलते ही अस्पताल परिसर में बच्चे को देखने के लिए लोगों का तांता लग गया।
चिकित्सकीय दृष्टिकोण: अविकसित जुड़वां भ्रूण का दुर्लभ मामला
अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार, यह जुड़वां बच्चों (कंजॉइन्ड/पैरासिटिक ट्विन्स) के विकास से जुड़ा एक जटिल और असामान्य मेडिकल केस है। डॉक्टरों ने बताया कि गर्भधारण के दौरान जब एक भ्रूण पूरी तरह विकसित नहीं हो पाता, तो उसके कुछ अंग और धड़ पूरी तरह विकसित हो रहे पहले बच्चे के शरीर के साथ ही जुड़ जाते हैं। जन्म के समय नवजात का वजन लगभग 3 किलोग्राम दर्ज किया गया है।
उच्च स्वास्थ्य केंद्र रेफर करने की सलाह
शिशु रोग विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में नवजात के आंतरिक अंगों की कार्यप्रणाली, हृदय गति और रक्त संचार की स्थिति जानने के लिए गहन चिकित्सीय परीक्षण आवश्यक होता है। बच्चे की स्थिति की गंभीरता और आगे के जटिल सर्जिकल उपचार के लिए उसे उच्च स्तरीय मेडिकल संस्थान व विशेषज्ञ डॉक्टरों के पास रेफर करने की सलाह दी जा रही है। फिलहाल जच्चा और बच्चा डॉक्टरों की निगरानी में हैं। वहीं, इस दुर्लभ जन्म की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला पूरे अंचल में कौतूहल और चर्चा का विषय बना हुआ है।




