छतरपुर। जिले के सिविल अस्पताल लवकुशनगर में नीता अहिरवार के प्रसव के उपरांत एक अत्यंत दुर्लभ जन्मजात विकृति (हेटरोपैगस कंजेनिटल एनोमलीज - Heteropagus Congenital Anomalies) से ग्रसित नवजात का जन्म हुआ। शिशु के शरीर में चार हाथ और चार पैर होने की विकृति (डिफॉर्मिटी) पाए जाने पर बीएमओ लवकुशनगर से समन्वय कर बच्चे को तत्काल जिला चिकित्सालय छतरपुर के एसएनसीयू (SNCU) वार्ड में भर्ती कराया गया।


विशेषज्ञ उपचार के लिए जबलपुर रेफर करने का निर्णय

जिला अस्पताल के एसएनसीयू प्रभारी डॉ. नीरज द्विवेदी द्वारा नवजात का प्राथमिक उपचार व गहन चिकित्सीय परीक्षण किया गया। बच्चे की जटिल शारीरिक स्थिति को देखते हुए पीडियाट्रिक सर्जन द्वारा उच्च स्तरीय सर्जरी एवं सघन उपचार हेतु उसे नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज, जबलपुर रेफर करने की अनुशंसा की गई।


कलेक्टर की स्वीकृति से मिली एयर एंबुलेंस की सुविधा

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. आर. पी. गुप्ता द्वारा मामले की गंभीरता से कलेक्टर मृणाल मीना को अवगत कराया गया। कलेक्टर महोदय की त्वरित स्वीकृति के उपरांत नवजात को 'पीएम श्री एयर एंबुलेंस सेवा' के माध्यम से जबलपुर भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।


खजुराहो एयरपोर्ट से एयरलिफ्ट हुआ नवजात

नवजात को 108 एंबुलेंस के माध्यम से लाइफ सपोर्ट के साथ सुरक्षित रूप से खजुराहो एयरपोर्ट पहुंचाया गया। वहां एसएनसीयू प्रभारी डॉ. नीरज द्विवेदी एवं नर्सिंग ऑफिसर शिवानी चौधरी की देखरेख में बच्चे को एयर एंबुलेंस की विशेषज्ञ मेडिकल टीम के सुपुर्द (हैंडओवर) किया गया, जिसके बाद शिशु को तुरंत जबलपुर के लिए रवाना किया गया।


जिले में अब तक 15 मरीज हो चुके हैं एयरलिफ्ट

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, छतरपुर जिले में 'पीएम श्री एयर एंबुलेंस योजना' के अंतर्गत अब तक कुल 15 गंभीर मरीजों को उच्च स्तरीय उपचार (हायर सेंटर) के लिए एयरलिफ्ट किया जा चुका है। पूर्व में रेफर किए गए सभी 14 मरीज सफल उपचार के उपरांत पूर्णतः स्वस्थ एवं सुरक्षित हैं। यह योजना गंभीर व आपातकालीन स्थिति में दूरदराज के क्षेत्रों के मरीजों के लिए वरदान साबित हो रही है।