छतरपुर। केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना से प्रभावित विस्थापित परिवारों की नवीन बसाहटों में व्यवस्थाओं और नागरिक सुविधाओं का जायजा लेने के लिए कलेक्टर मृणाल मीना और पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा रविवार को ग्राउंड जीरो पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने पुनर्वासित ग्राम करौंदिया, सलैया एवं मोतीगढ़ का सघन भ्रमण किया और ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं व आवश्यकताएं जानीं।


खाट पर बैठकर किया सीधा संवाद, ग्रामीणों ने जताई प्रसन्नता

करौंदिया में निरीक्षण के दौरान कलेक्टर और एसपी ने घर-घर जाकर ग्रामीणों से मुलाकात की। अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ खाट पर बैठकर अत्यंत आत्मीय और संवेदनशील माहौल में बातचीत की। संवाद के दौरान ग्रामीणों ने अपने पुराने कच्चे मकानों से पक्के सुरक्षित मकानों में शिफ्ट होने पर खुशी जाहिर की और नई बसाहट से जुड़ी जरूरतें साझा कीं।


समग्र आईडी शिफ्ट कराने और बच्चों के नाम जोड़ने के निर्देश

कलेक्टर मृणाल मीना ने सभी विस्थापित परिवारों से अपनी समग्र आईडी को पुराने गांव से नवीन पुनर्वासित गांव में स्थानांतरित कराने की अपील की, ताकि उन्हें शासन की सभी कल्याणकारी योजनाओं का निर्बाध लाभ मिलता रहे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि समग्र आईडी में बच्चों के नाम जोड़ने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, जिससे बच्चों का स्कूलों में दाखिला, छात्रवृत्ति तथा बुजुर्गों को पेंशन योजनाओं का समय पर लाभ सुनिश्चित हो सके।


बिजली, सड़क, नाली और हैंडपंप के लिए तुरंत बनेंगे प्रस्ताव

निरीक्षण के दौरान बिजली, सड़क और जल निकासी से जुड़े मुद्दों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने संबंधित विभागों को डीपीआर और प्रस्ताव तत्काल तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए:

  • पेयजल व्यवस्था: पीएचई (PHE) विभाग को नवीन बसाहटों में पर्याप्त हैंडपंप स्थापित करने के निर्देश दिए गए।
  • जलभराव का स्थायी समाधान: करौंदिया में बारिश के जलभराव की समस्या के स्थायी निराकरण हेतु पक्की सीसी नालियों के निर्माण का प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है।
  • विद्युत आपूर्ति: सुरक्षा कारणों से रोकी गई बिजली सप्लाई को दुरुस्त करते हुए आवश्यक सुरक्षा मानकों के साथ करीब एक सप्ताह के भीतर अस्थाई विद्युत व्यवस्था सुचारू करने के निर्देश दिए गए।


स्कूल, आंगनवाड़ी और सामुदायिक भवन को प्राथमिकता

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पुनर्वासित गांवों में स्कूल भवन, आंगनवाड़ी केंद्र, सामुदायिक भवन सहित अन्य सभी अनिवार्य बुनियादी ढांचे के निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों को इन सभी विकास कार्यों के प्रस्ताव शीघ्र स्वीकृत कराने के निर्देश दिए गए।


पैकेज प्राप्त परिवार जल्द शुरू करें मकान निर्माण

कलेक्टर ने जिन विस्थापित परिवारों को पुनर्वास पैकेज की राशि प्राप्त हो चुकी है, उनसे आग्रह किया कि वे जल्द से जल्द अपने आवासों का निर्माण शुरू कर नवीन बसाहट में शिफ्ट हों। बताया गया कि करौंदिया में लगभग 200 परिवार और मोतीगढ़ में 30 परिवार शिफ्ट होकर अपने पक्के मकानों का निर्माण कार्य करा रहे हैं। प्रभावित परिवारों को आवश्यकतानुसार भूखंड आवंटन की प्रक्रिया भी निरंतर जारी है।