शिमला। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी की पूर्व अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता वीरभद्र सिंह की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस को उनकी जनसेवा और पार्टी निर्माण की विरासत को अपनाकर संगठन को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में कार्य करना चाहिए।प्रतिभा सिंह ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि वीरभद्र सिंह को आधुनिक हिमाचल के निर्माता के रूप में जाना जाता है। प्रदेश के लोग उनके कार्यों को श्रद्धा और सम्मान के साथ याद करते हैं। लोगों के मुंह से हमने बार-बार यह सुना है कि उनके जैसा कोई भी व्यक्ति नहीं होगा। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के लिए जो कार्य किए, उन्हें लोग आज भी याद करते हैं।
उन्होंने कहा कि सभी की यह कोशिश होनी चाहिए कि वीरभद्र सिंह के सपनों को साकार रखा जाए और उनके अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाया जाए। हम प्रयास करेंगे कि उनके कार्यों को आगे बढ़ाएं। आज हिमाचल की जनता ने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को श्रद्धा के साथ याद किया है। लोग उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।
कांग्रेस के प्रति वीरभद्र सिंह के समर्पण को याद करते हुए प्रतिभा सिंह ने एक पुराने दौर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा भी आया था जब हिमाचल कांग्रेस को अपना कार्यालय खाली करना पड़ा था। उस कठिन दौर में वीरभद्र सिंह ने अपने घर से कांग्रेस की गतिविधियों को संचालित किया था। वो राजा साहब ही थे जिन्होंने अपने घर से कांग्रेस को चलाया और कांग्रेस को दोबारा मजबूत करने के लिए जो कदम उठाए, उन्हें लोग आज भी याद करते हैं। राजा साहब ने कांग्रेस को अपने घर से जीवित रखा था। कांग्रेस के प्रति उनका जो लगाव था, वह हमेशा चाहते थे कि कांग्रेस और मजबूत हो तथा ज्यादा से ज्यादा लोग कांग्रेस से जुड़ें।
प्रतिभा सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में भी पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को वीरभद्र सिंह के दिखाए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पार्टी को मजबूत करने के लिए सभी को आगे आना होगा और सामूहिक प्रयास करने होंगे।
वहीं, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी वीरभद्र सिंह के योगदान को याद करते हुए उन्हें प्रदेश और कांग्रेस का बड़ा नेता बताया। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह छह बार मुख्यमंत्री रहे और प्रदेश के विकास में उनका अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि वे कांग्रेस के बड़े नेता थे, छह बार मुख्यमंत्री रहे और हिमाचल के विकास में उनका अहम योगदान है। हमारा उद्देश्य है कि हम उनसे प्रेरणा लेकर प्रदेश के विकास को आगे बढ़ाएं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश की जनता से भी आग्रह किया कि वे वीरभद्र सिंह के योगदान को याद रखते हुए प्रदेश के विकास में सहयोग दें और उनके दिखाए रास्ते पर आगे बढ़ने की प्रेरणा लें।













