नई दिल्ली। व्यापारिक संगठनों की ओर से 'इंडिया' गठबंधन से 1 नवंबर को राजधानी में होने वाली रैली को टालने की लगातार अपील की जा रही है। इसी बीच, एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता की 'संवेदनहीन और गैर-जिम्मेदाराना' टिप्पणी से काफी नाराजगी फैल सकती है और उन्हें व्यापारी वर्ग के तीखे विरोध का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल, सीटीआई के एक आकलन के अनुसार, कनॉट प्लेस, इंडिया गेट और सेंट्रल दिल्ली में रैलियों, विरोध मार्च और सड़क जाम के कारण अक्टूबर महीने में दिल्ली के व्यापारियों को लगभग 3,000 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है।
दूसरी तरफ, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संदीप दीक्षित ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित इंडिया ब्लॉक की रैली को लेकर व्यापारियों की नाराजगी पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि एक दिन से व्यापार नहीं गिर जाता है।
आईएएनएस से बातचीत में कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने व्यापारियों की नाराजगी और रैली को टालने की मांग पर कहा कि यह एक राजनीतिक मामला है। बड़ी-बड़ी रैलियां होती रहती हैं। मैं एक सवाल पूछना चाहता हूं कि अगर बाहर से सात-आठ लाख या 10 लाख लोग दिल्ली आएंगे, तो वे भी इन चार-छह घंटों के दौरान कुछ न कुछ खरीदारी करेंगे। कोई समोसे खरीदेगा, कोई कचौड़ी खाएगा, कोई चाय पिएगा, कोई पानी की बोतल या आलू के चिप्स खरीदेगा। कोई दुकान पर चाऊमीन खाएगा, तो कोई लौटते समय आलू-पूरी खाएगा। दिल्ली में हजारों-लाखों छोटे व्यापारी हैं, जिन्हें इससे फायदा हो सकता है। उनका भी तो कारोबार बढ़ेगा।
कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि बड़े व्यापारी केवल अपने बारे में ही क्यों सोच रहे हैं? एक दिन कारोबार प्रभावित होने से क्या हो जाएगा? अगले दिन बिक्री हो जाएगी और उसके अगले दिन भी कारोबार चलेगा।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पीएम मोदी को लेकर दिए गए बयान पर इंडिया ब्लॉक के कुछ नेताओं द्वारा आपत्ति जताए जाने पर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि उन्हें विरोध तब भी जताना चाहिए, जब भाजपा की ओर से कांग्रेस नेताओं के खिलाफ गलत बयानबाजी की जाती है। मुझे लगता है कि कुछ लोगों को इन दिनों पीएम मोदी के सम्मान में खड़े होने की आदत हो गई है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के पंजाब दौरे को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान के बयान पर संदीप दीक्षित ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता आएंगे और जाएंगे, इससे क्या फर्क पड़ेगा या नहीं पड़ेगा, यह चुनाव में पता चल जाएगा। भगवंत मान को राहुल गांधी से इतनी परेशानी क्यों हो रही है? जनता को याद होगा कि आज से लगभग दो से ढाई साल पहले, जब शराब घोटाले के मामले में अरविंद केजरीवाल को जेल भेजा गया था, तब आम आदमी पार्टी के नेता कांग्रेस से अपने कार्यक्रमों में शामिल होने का अनुरोध कर रहे थे।
कांग्रेस नेता के मुताबिक, "दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के समर्थन में एक रैली आयोजित की गई थी, जिसमें कांग्रेस के नेताओं को बुलाया गया था। अरविंद केजरीवाल के परिवार के सदस्य भी सोनिया गांधी के बगल में बैठने के लिए उत्सुक थे। उन दिनों मैं भी वहां मौजूद था। आम आदमी पार्टी के नेता बार-बार हमारे पास आकर धन्यवाद दे रहे थे कि उन्हें हमारा समर्थन मिल गया है। भगवंत मान ने राहुल गांधी के लिए जो शब्द कहे हैं, उन दिनों तो नहीं कहे थे।"
संदीप दीक्षित ने चेतावनी देते हुए कहा कि धैर्य रखें, सीएम भगवंत मान। एक एक्स सीएम हो चुके हैं, दूसरे की बारी भी आने वाली है। अगर राहुल गांधी कोई बयान देते हैं तो आप काउंटर कर सकते हैं। लेकिन, बेवजह के बयान सही नहीं होते हैं। सीएम मान को पंजाब के विकास में कांग्रेस का योगदान समझ नहीं आएगा, क्योंकि वे संकुचित मानसिकता वाले व्यक्ति हैं।















