हनोई। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने सोमवार को वियतनाम की राजधानी हनोई स्थित ऐतिहासिक 'क्वान सु पगोडा' का दौरा किया। इस दौरान बौद्ध धर्म को भारत और वियतनाम के लोगों के बीच एक मजबूत सांस्कृतिक और सभ्यतागत कड़ी बताया गया।

अजीत डोभाल रविवार को आधिकारिक यात्रा पर हनोई पहुंचे। इस दौरे के दौरान उन्होंने भारत-वियतनाम की 'एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप' के तहत वियतनाम के शीर्ष नेताओं से कई महत्वपूर्ण मुलाकातें की हैं।

वियतनाम में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर बताया कि डोभाल का स्वागत 'मोस्ट वेनेरेबल थिच थान न्हीयू', जो पगोडा के मुख्य महंत और वियतनाम बौद्ध संघ के स्थायी उपाध्यक्ष हैं तथा नेशनल वियतनाम बुद्धिस्ट संघ', जो वियतनाम बौद्ध संघ के उपाध्यक्ष और महासचिव हैं, ने किया।

दूतावास ने कहा, "बौद्ध धर्म भारत और वियतनाम के लोगों के बीच एक सभ्यतागत सेतु है।"

इससे पहले दिन में एनएसए डोभाल ने वियतनाम के विदेश मंत्री और कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के पोलित ब्यूरो सदस्य ले होआई चुंग से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने 2027 में भारत और वियतनाम के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 55 वर्ष पूरे होने के अवसर को विशेष रूप से मनाने के तरीकों पर चर्चा की।

भारतीय दूतावास ने कहा कि दोनों पक्षों ने भारत-वियतनाम 'एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप' की भावना के अनुरूप इस ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों और पहलों पर विचार-विमर्श किया। मई में वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को बढ़ाकर 'एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' का दर्जा दिया था।

डोभाल ने वियतनाम के जन सुरक्षा मंत्री सीनियर लेफ्टिनेंट जनरल 'लुओंग ताम क्वांग' के साथ भी बैठक की। दोनों पक्षों ने सुरक्षा सहयोग की समीक्षा की और मौजूदा बहुआयामी संबंधों को और मजबूत बनाने पर सहमति जताई। बैठक के दौरान क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया गया।

इसके अलावा एनएसए डोभाल ने वियतनाम के उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री जनरल फान वान गियांग से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने रक्षा क्षेत्र में चल रहे सहयोग की समीक्षा की और इसे आगे और मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की।