नई दिल्ली। अंबाती रायडू भारतीय क्रिकेट के मध्यक्रम के बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक रहे हैं। रायडू को उनकी प्रतिभा के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मौका नहीं मिला, लेकिन जितने भी मौके मिले उसमें उन्होंने अपनी क्षमता प्रदर्शित की। रायडू की असल क्षमता आईपीएल में दिखी। वह लीग के इतिहास के सर्वाधिक सफल बल्लेबाजों में से एक हैं।

अंबाती रायडू का जन्म 23 सितंबर 1985 को आंध्र प्रदेश के गुंटूर में हुआ था। बचपन से ही क्रिकेट में गहरी दिलचस्पी लेने वाले रायडू को युवा अवस्था में ही भारत का अगला बड़ा बल्लेबाज माना जाने लगा था। इसकी वजह उनकी तकनीक और क्रीज पर टिके रहकर लंबी पारियां खेलने की क्षमता थी। रायडू को स्पिन और तेज गेंदबाज दोनों के सामने सहज माना जाता है। इसके अलावा, हर तरह की पिच भी उन्होंने अपनी क्षमता दिखाई है।

अंबाती पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में तब आए, जब 2022 में भारतीय अंडर-19 टीम के साथ खेलते हुए उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ बेहतरीन और मैच विजयी 177 रन की पारी खेली थी। 2004 में हुए अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत को सेमीफाइनल तक पहुंचाने में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। 2002 में उन्होंने हैदराबाद के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट में डेब्यू किया और अगले कुछ वर्षों में अपने प्रदर्शन के आधार पर भारतीय टीम में जगह बनाने के प्रबल दावेदार के रूप में उभरे।

2007 में रायडू के एक निर्णय ने उनके शुरुआती करियर को नुकसान पहुंचाया। वह इंडियन क्रिकेट लीग (आईसीएल) में शामिल हो गए। लीग को बीसीसीआई ने मान्यता नहीं दी थी। ऐसे में रायडू का बतौर क्रिकेटर भविष्य खतरे में पड़ गया। 2009 में उन्होंने इसके लिए बीसीसीआई से माफी मांगी और इसके बाद उनका करियर पटरी पर आया। 2009 में उन्हें मुंबई इंडियंस ने चुन लिया।

आईपीएल डेब्यू के 4 साल बाद यानी 2013 में रायडू ने भारतीय टीम के लिए अपना पहला मैच खेला। 24 जुलाई 2013 को खेला गया यह वनडे फॉर्मेट का मैच जिम्बाब्वे के खिलाफ खेला गया था। रायडू ने 7 सितंबर 2014 को इंग्लैंड के खिलाफ टी20 डेब्यू किया था।

रायडू ने अपना आखिरी वनडे 8 मार्च 2019 को ऑस्ट्रेलिया और आखिरी टी20 मुकाबला 22 जून 2016 को जिम्बाब्वे के खिलाफ खेला था। टेस्ट खेलने का मौका उन्हें कभी नहीं मिला। वनडे विश्व कप 2019 के लिए उन्हें भारतीय टीम में जगह नहीं दी गई थी। इस फैसले पर उन्होंने सार्वजनिक रूप से निराशा जताई थी। इसी निराशा में 2019 में ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया था।

रायडू ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 55 वनडे मैच खेले। इसकी 50 पारियों में 3 शतक और 10 अर्धशतक लगाते हुए उन्होंने 1,694 रन बनाए। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 6 टी20 की 5 पारियों में 42 रन बनाए।

अंबाती का आईपीएल करियर बेहद सफल रहा। वह लीग की दो सबसे सफल टीमों, मुंबई इंडियंस (एमआई) और चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके), के साथ खेले और दोनों टीमों के साथ खिताब जीता। रायडू 2009 से लेकर 2017 तक एमआई का हिस्सा रहे और इस दौरान तीन बार (2013, 2015, 2017) टीम ने खिताब जीता। रायडू 2018 में सीएसके के साथ जुड़े और 2023 तक खेले। 2023 में टीम को चैंपियन बनाने के बाद उन्होंने लीग से संन्यास ले लिया। सीएसके के साथ रायडू ने तीन खिताब (2018, 2021, 2023) जीते। इस तरह बतौर खिलाड़ी वह 6 आईपीएल खिताब जीतने वाले अनोखे खिलाड़ी हैं।

आईपीएल करियर में रायडू ने 204 मैचों की 187 पारियों में 1 शतक और 22 अर्धशतक लगाते हुए 4,348 रन बनाए।

आईपीएल से संन्यास के बाद वह कमेंट्री में व्यस्त रहे थे। मौजूद समय में रायडू हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन (एचसीए) के क्रिकेट ऑपरेशंस के डायरेक्टर हैं।