पन्ना/अजयगढ़, मोहम्मद मुस्तकीम। केन-बेतवा लिंक परियोजना एवं मझगांय-रुंझ परियोजना में विस्थापन और पुनर्वास के उचित मुआवजे की मांग को लेकर पिछले 19 दिनों से चल रहे आंदोलन में मंगलवार को उस समय नया मोड़ आया, जब जय किसान संघ के नेता एवं समाजसेवी अमित भटनागर ने अजयगढ़ क्षेत्र में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर गिरफ्तारी दी। गिरफ्तारी से पहले उन्होंने स्वयं इसकी घोषणा की थी।
अमित भटनागर जब अजयगढ़ थाना क्षेत्र की हनुमतपुर चौकी स्थित आंदोलन स्थल से पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने पहुंचे तो बड़ी संख्या में आंदोलनकारी और ग्रामीण उनके साथ मौजूद रहे। सैकड़ों लोग उनके समर्थन में खड़े दिखाई दिए और कई लोग स्वयं भी गिरफ्तारी देने के लिए तैयार नजर आए। मौके पर महिलाओं में भी आंदोलन के प्रति उत्साह और भावनात्मक जुड़ाव देखने को मिला।
मझगांय बांध आंदोलन की अगुवाई कर रहे अमित भटनागर के साथ दिव्या अहिरवार और हिसाबी राजपूत ने भी 19 दिनों तक आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। तीनों आंदोलनकारियों की गिरफ्तारी के बाद समर्थकों ने आंदोलन को आगे भी जारी रखने की बात कही। आंदोलनकारियों का कहना है कि विस्थापन और पुनर्वास से प्रभावित लोगों को न्याय एवं उचित मुआवजा मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
गिरफ्तारी के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन का संदेश दिया। समर्थकों ने कहा कि आंदोलन के प्रमुख नेताओं के जेल जाने के बाद भी उनका संघर्ष रुकेगा नहीं। वहीं आंदोलन से जुड़े लोगों ने भी अपने साथियों के हौसले बुलंद होने की बात कही।
अमित भटनागर, दिव्या अहिरवार और हिसाबी राजपूत की गिरफ्तारी के बाद आंदोलन अब नए चरण में प्रवेश करता दिखाई दे रहा है। समर्थकों का कहना है कि विस्थापितों के अधिकार और न्याय की मांग को लेकर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।











