मंदसौर, ललित शंकर धाकड़। रक्षाबंधन के पर्व पर मंदसौर में आस्था और भाई-बहन के रिश्ते की अनोखी मिसाल देखने को मिलेगी। मंदसौर निवासी अर्पणा जैन पिछले 19 वर्षों से भगवान श्री पशुपतिनाथ को अपना भाई मानकर राखी बांधती आ रही हैं। इस बार उन्होंने बाबा पशुपतिनाथ के लिए करीब 12 फीट लंबी विशेष राखी तैयार की है, जिसमें महादेव के रौद्र रूप और प्रलय के दृश्य को उकेरा गया है।


अर्पणा जैन के मुताबिक, हर साल रक्षाबंधन से करीब 15 दिन पहले परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर राखी तैयार करने की तैयारी शुरू कर दी जाती है। इस बार राखी में महादेव के रौद्र स्वरूप और प्रलय के दृश्य के साथ शिव परिवार, अर्धनारीश्वर, गंगा मुख और लस्सा जैसे धार्मिक स्वरूपों को भी शामिल किया गया है। राखी को तैयार करने में परिवार के सदस्यों ने भी सहयोग किया है।


जयपुर है मायका, लेकिन बाबा पशुपतिनाथ को मानती हैं भाई


अर्पणा जैन का मायका जयपुर में है, लेकिन रक्षाबंधन पर वह मायके जाने के बजाय मंदसौर में ही बाबा पशुपतिनाथ के साथ यह पर्व मनाती हैं। उनका कहना है कि उनका कोई सगा भाई नहीं है। विवाह के बाद उन्होंने शिवना नदी के किनारे विराजित अष्टमुखी भगवान पशुपतिनाथ को अपना भाई मान लिया और तभी से हर साल उन्हें राखी बांधने की परंपरा शुरू की।


राखी तैयार करने के लिए अर्पणा जयपुर से विशेष सामग्री भी लेकर आती हैं। कई दिनों की मेहनत के बाद तैयार होने वाली इस राखी का स्वरूप हर साल अलग होता है, लेकिन बाबा पशुपतिनाथ के प्रति उनकी आस्था और श्रद्धा लगातार बनी हुई है।


गर्भगृह के चारों द्वार पर लगेंगी विशेष वंदनवार


इस बार केवल बाबा के लिए ही नहीं, बल्कि मंदिर के गर्भगृह के चारों द्वार के लिए भी विशेष वंदनवार तैयार की गई हैं। इन्हें रक्षाबंधन के अवसर पर मंदिर के चारों द्वार पर लगाया जाएगा।


रक्षाबंधन के विशेष मुहूर्त में अर्पणा जैन अपने परिवार के साथ भगवान श्री पशुपतिनाथ मंदिर पहुंचेंगी और विधि-विधान के साथ बाबा को 12 फीट लंबी राखी बांधेंगी।


19 वर्षों से चली आ रही अर्पणा जैन की यह आस्था अब परंपरा का रूप ले चुकी है। हर साल राखी की थीम और स्वरूप बदलता है, लेकिन बाबा पशुपतिनाथ को भाई मानकर रक्षाबंधन मनाने का उनका विश्वास कायम है। इस बार महादेव के रौद्र रूप, प्रलय, शिव परिवार और अन्य धार्मिक स्वरूपों से सजी 12 फीट की राखी रक्षाबंधन पर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेगी।