निशिओ। एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं के 75 किग्रा भारवर्ग के फाइनल में लवलीना बोरगोहेन ने चीनी मुक्केबाज बाओ जियाई को हराकर गोल्ड मेडल जीता है। लवलीना का यह गोल्ड भारत का इस संस्करण में 12वां गोल्ड मेडल है।
लगातार दूसरे एशियन गेम्स फाइनल में पहुंचकर इतिहास रचने वाली लवलीना ने बाओ जियाई को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराकर गोल्ड जीता। पिछली बार लवलीना गोल्ड मेडल जीतने से चूक गई थीं और उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा था, लेकिन इस बार लवलीना ने धैर्य और आक्रामकता के साथ चीनी मुक्केबाज को करारी शिकस्त देते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
अपने सेमीफाइनल और फाइनल दोनों में लवलीना ने धीमी शुरुआत की और गेम में आगे बढ़ीं। सेमीफाइनल में उन्होंने शानदार खेल दिखाया और कजाख बॉक्सर को हराकर फाइनल में पहुंचीं। गोल्ड मेडल का मुकाबला बहुत अलग रहा। आक्रामक बाओ जियाई के खिलाफ लवलीना को क्लिंच में जाना पड़ा, समय का इंतजार करना पड़ा और आगे रहने के लिए टैक्टिकल तरीके से जवाब देना पड़ा। आखिर में लवलीना इतने पॉइंट्स से आगे निकल गईं कि वे टैक्टिकल तरीके से बाओ को चकमा दे सकीं और गोल्ड मेडल तक पहुंच सकीं।
गोल्ड मेडल जीतने के साथ ही लवलीना बोरगोहेन एशियन गेम्स में मैरी कॉम के बाद गोल्ड मेडल जीतने वाली भारत की दूसरी महिला मुक्केबाज बन गई हैं।
लवलीना के लिए यह एक ऐतिहासिक डबल है। वह एशियन गेम्स के इतिहास में भारत की तरफ से गोल्ड और सिल्वर मेडल जीतने वाली एकमात्र महिला बॉक्सर हैं।
इससे पहले, मैरी कॉम एशियन गेम्स बॉक्सिंग में 2 मेडल जीतने वाली एकमात्र भारतीय महिला थीं। उन्होंने 2014 और 2010 में क्रमशः एक गोल्ड और एक ब्रॉन्ज मेडल जीता था।
लवलीना बोरगोहेन शुक्रवार को अपना 29वां जन्मदिन मना रही हैं। ऐसे में इस गोल्ड मेडल ने उनका जन्मदिन हमेशा के लिए यादगार बना लिया है। बोरगोहेन ने अपने जन्मदिन पर जो उपहार खुद को दिया है, उसकी तुलना किसी भी अन्य उपहार से नहीं हो सकती।












