उज्जैन, अशोक दायमा। जिले के कलेक्ट्रेट कार्यालय में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया जब विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त उज्जैन की टीम ने ADM शाखा में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 बाबू को ₹20,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। यह पूरी कार्रवाई लोकायुक्त महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देशन, उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह एवं लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार दीक्षित के मार्गदर्शन में अंजाम दी गई।
उज्जवला योजना में फर्जीवाड़े की शिकायत दबाने का खेल
बिरलाग्राम नागदा निवासी शिकायतकर्ता बृजेश विश्वकर्मा ने लोकायुक्त पुलिस को अवगत कराया था कि उनकी माताजी के नाम से स्वीकृत उज्जवला योजना का गैस कनेक्शन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर किसी अन्य व्यक्ति को आवंटित कर दिया गया था। इस मामले की शिकायत आवेदक ने कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान दर्ज कराई थी। जनसुनवाई के बाद खाद्य विभाग ने मामले की जांच पूरी कर रिपोर्ट ADM उज्जैन के समक्ष आगे की कार्रवाई के लिए प्रस्तुत कर दी थी।
जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई के एवज में मांगी थी 20 हजार की घूस
ADM शाखा में कार्यरत सहायक ग्रेड-3 बाबू रोहित गोठवाल इस जांच रिपोर्ट पर नियमानुसार कार्रवाई करने और फाइल आगे बढ़ाने के बदले बृजेश विश्वकर्मा से 20,000 रुपये की रिश्वत मांग रहा था। आवेदक रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने 29 अक्टूबर 2026 को लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार दीक्षित के समक्ष उपस्थित होकर लिखित शिकायत दर्ज कराई।
लोकायुक्त टीम ने बिछाया जाल, कलेक्ट्रेट में मच गया हड़कंप
लोकायुक्त पुलिस ने शिकायत का सत्यापन कराने के बाद आज 5 नवंबर 2026 को योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप की कार्रवाई की। जैसे ही आवेदक बृजेश विश्वकर्मा ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित शाखा में बाबू रोहित गोठवाल को रिश्वत की राशि ₹20,000 सौंपी, पहले से तैयार लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। आरोपी बाबू के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई से कलेक्ट्रेट परिसर के प्रशासनिक अमले में दिनभर हड़कंप का माहौल बना रहा।














