इंदौर। इंदौर नगर निगम ने आम नागरिकों की सुविधा के लिए जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। अब शहर के सभी 22 जोनों पर प्रमाण पत्र बनवाने की नई व्यवस्था प्रभावी कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत आवेदन करने के 48 घंटे के भीतर जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा।
डिजिटल डिलीवरी: मोबाइल पर मिलेगा पीडीएफ (PDF)
निगम प्रशासन ने प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए डिजिटल तरीका अपनाया है: प्रमाण पत्र बनते ही आवेदक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर सीधे पीडीएफ भेज दिया जाएगा। नागरिक अपने नजदीकी एमपी ऑनलाइन (MP Online) केंद्र या किसी भी अन्य माध्यम से घर बैठे प्रमाण पत्र का प्रिंट निकाल सकेंगे। जोनल दफ्तरों के बार-बार चक्कर लगाने और अफसरों की लेट-लतीफी से जनता को स्थायी राहत मिलेगी।
त्रुटि सुधार के लिए 24 घंटे की समय-सीमा
यदि किसी जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र के विवरण में संशोधन कराना है, तो उसके लिए भी सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं:
- प्राप्त आवेदनों की दस्तावेजों के साथ जांच कर 24 घंटे के भीतर आवश्यक सुधार की कार्रवाई पूरी की जाएगी।
- महापौर और निगमायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जोनल स्तर पर फाइलें पेंडिंग रखने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
महापौर और निगमायुक्त के निर्देश पर कार्रवाई
महापौर पुष्यमित्र भार्गव एवं निगमायुक्त क्षितिज सिंघल के पास लगातार यह शिकायतें आ रही थीं कि जोनल स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों के हस्ताक्षर न होने और लापरवाही के कारण आवेदकों को हफ्तों इंतजार करना पड़ता था।
इसी जनसमस्या को संज्ञान में लेते हुए निगम मुख्यालय स्तर के बजाय अब सभी 1 से 22 जोनों को सीधे प्रमाण पत्र जारी करने की शक्तियां दी गई हैं और 48 घंटे की समय-सीमा अनिवार्य की गई है।














