झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी में शुक्रवार को जिला बार संघ ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ जोरदार मोर्चा खोल दिया। तीन थाना प्रभारियों—कोतवाली, नवाबाद और सीपरी बाजार—पर गंभीर आरोप लगाते हुए और उन पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर सैकड़ों अधिवक्ता कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। इस दौरान ज्ञापन सौंपने पहुंचे वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बहस के बाद झड़प हो गई, जिससे कलेक्ट्रेट में स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई।


अधिवक्ता से अभद्रता और एसएसपी से शिकायत

मामले की शुरुआत 29 अक्टूबर की एक घटना से हुई: जिला बार संघ अध्यक्ष एडवोकेट प्रमोद शिवहरे के अनुसार, संघ के मंत्री एडवोकेट रोमेश अग्रवाल अपने मुंशी के साथ एक प्रकरण में बातचीत करने कोतवाली गए थे। आरोप है कि कोतवाली प्रभारी ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए उन्हें वहां से भगा दिया। घटना से आक्रोशित वकीलों ने गुरुवार को एसएसपी विकास कुमार से मुलाकात कर तीनों थाना प्रभारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे और उनके निलंबन/कार्रवाई की मांग की थी। कार्रवाई न होने पर शुक्रवार को वकील कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करने उतर आए।


कलेक्ट्रेट परिसर में पुलिस-वकील आमने-सामने

शुक्रवार को जब सैकड़ों अधिवक्ता अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे, तो माहौल गरमा गया: प्रदर्शन की सूचना मिलते ही जेल चौकी प्रभारी पुलिस बल के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान किसी बात को लेकर पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते तीखी झड़प में बदल गई। इसके बाद गुस्साए वकीलों ने कलेक्ट्रेट परिसर में पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।


नवाबाद थाना प्रभारी पर बेहद गंभीर आरोप

प्रदर्शन के दौरान बार संघ के अध्यक्ष प्रमोद शिवहरे ने पुलिस पर कई संगीन आरोप लगाए: उन्होंने नवाबाद थाना प्रभारी पर शहर के बस स्टैंड इलाके में देह व्यापार संचालित कराने का खुला आरोप लगाया। अध्यक्ष ने दावा किया कि वे खुद मौके पर जाकर इस बात के पुख्ता प्रमाण दे सकते हैं। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि कोतवाली, नवाबाद और सीपरी बाजार थाना प्रभारियों पर कार्रवाई से कम उन्हें कुछ भी मंजूर नहीं है।


2 नवंबर को चक्काजाम और कचहरी में नो-एंट्री का अल्टीमेटम

प्रशासनिक लापरवाही पर रोष व्यक्त करते हुए बार संघ ने आंदोलन को तेज करने का ऐलान किया है: संघ ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय-सीमा के भीतर तीनों थाना प्रभारियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की जाती, तो 2 नवंबर को पूरे झांसी शहर में चक्काजाम किया जाएगा। अधिवक्ताओं ने यह भी चेतावनी दी है कि मांग पूरी न होने की स्थिति में इन तीनों थाना प्रभारियों को कचहरी (कोर्ट परिसर) में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।