पटना। बिहार में नवनिर्वाचित निर्दलीय विधान पार्षद बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज के भाजपा में शामिल होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सोमवार को जन सुराज के एक प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना के नेतृत्व में बिहार विधान परिषद के कार्यकारी सभापति प्रो. डॉ. रामवचन राय से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने दोनों विधान पार्षदों की सदस्यता रद्द करने की मांग करते हुए सभापति को पिटीशन सौंपा और पूरे मामले में संवैधानिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की। जन सुराज के प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित बंशीधर ब्रजवासी और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित राहुल राज ने चुनाव जीतने के 72 घंटे भी पूरे होने से पहले भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। प्रतिनिधिमंडल ने इसे संविधान की दसवीं अनुसूची के प्रावधानों के विपरीत बताते हुए दोनों की सदस्यता समाप्त करने की मांग की।
मुलाकात के बाद किशोर कुमार मुन्ना ने कहा कि निर्दलीय निर्वाचित सदस्य यदि चुनाव जीतने के बाद किसी राजनीतिक दल की सदस्यता ग्रहण करता है, तो उसकी सदस्यता समाप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने सभापति को पूरे प्रकरण से अवगत कराते हुए संबंधित पक्ष को नोटिस जारी करने और मामले में उचित कार्रवाई करने की मांग की है। मुन्ना ने बताया कि इस मामले में भारत निर्वाचन आयोग, बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मुख्य सचिव और संबंधित आयुक्त को भी पक्षकार बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने सार्वजनिक रूप से भाजपा में शामिल होने और पार्टी की सदस्यता लेने की बात स्वीकार की है। प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों, मीडिया में दिए गए बयानों और अन्य संबंधित साक्ष्यों को पेन ड्राइव के माध्यम से सभापति को सौंपा है। उन्होंने बताया कि सभापति ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है कि वे मामले में कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेकर नियमानुसार उचित कार्रवाई करेंगे।
वहीं, पूर्व विधान पार्षद रामबली सिंह चंद्रवंशी ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने सभापति के समक्ष अपनी बात रखते हुए न्याय मिलने में देरी को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सभापति ने मामले को गंभीर बताते हुए सभी आवश्यक कानूनी और संवैधानिक प्रावधानों के तहत उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है।
चंद्रवंशी ने कहा कि उन्हें सभापति की न्यायप्रियता पर पूरा विश्वास है। उन्होंने उम्मीद जताई कि संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए उचित निर्णय लिया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना, पूर्व विधान पार्षद रामबली चंद्रवंशी, सुभाष कुशवाहा, तेज नारायण सहनी, सुरेश पटेल और ओबैदुर रहमान सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।














