छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर शहर की जानी-मानी कवयित्री एवं साहित्यकार विमल बुंदेला को उनके उत्कृष्ट साहित्यिक सृजन और हिंदी साहित्य के संवर्धन में दिए गए उल्लेखनीय योगदान के लिए राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित 'कादम्बरी साहित्य सृजन सम्मान' से विभूषित किया गया है। जबलपुर में आयोजित भव्य साहित्यिक सम्मान समारोह के दौरान उन्हें यह गरिमामय सम्मान प्रदान किया गया। विमल बुंदेला को यह अलंकरण उनकी बहुचर्चित काव्य पुस्तक 'तुमसे शुरू, तुम तक' तथा उनके समग्र साहित्यिक अवदान के लिए दिया गया है।
जबलपुर में 31 अक्टूबर को संपन्न हुए इस साहित्यिक समागम में प्रख्यात शिक्षाविद आचार्य भगवत प्रसाद दुबे एवं महामंडलेश्वर स्वरूपानंद महाराज के कर-कमलों द्वारा विमल बुंदेला को सम्मान पत्र, स्मृति चिह्न और अंगवस्त्र भेंट कर पुरस्कृत किया गया। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय कादम्बरी साहित्य सृजन सम्मान, विश्व संत महामंडलेश्वर स्वामी प्रज्ञानंद सरस्वती की पावन स्मृति में 'सृजन प्रज्ञा सम्मान' के रूप में प्रतिवर्ष साहित्य साधकों को समर्पित किया जाता है। राष्ट्रीय स्तर पर मिला यह गौरवपूर्ण पुरस्कार विमल बुंदेला की निरंतर साधना, भावप्रवण रचनात्मक प्रतिभा और हिंदी साहित्य के प्रति उनकी अटूट निष्ठा का प्रमाण है।
विमल बुंदेला को राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस महती उपलब्धि पर बुंदेलखंड के साहित्य जगत में हर्ष का माहौल है। वरिष्ठ साहित्यकार पद्मश्री डॉ. अवध किशोर जड़िया, मालती श्रीवास्तव, डॉ. बहादुर सिंह परमार, वीरेंद्र खरे अकेला, आभा श्रीवास्तव और मौलाना हारून सहित क्षेत्र के अनेक प्रबुद्ध रचनाकारों, कवियों और गणमान्य नागरिकों ने उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। साहित्यकारों ने कहा कि विमल बुंदेला का यह सम्मान न केवल उनका व्यक्तिगत गौरव है, बल्कि यह समग्र बुंदेली माटी, बुंदेलखंड की समृद्ध साहित्यिक चेतना और संस्कृति का राष्ट्रीय पटल पर सम्मान है।

















