बीजापुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने बीजापुर प्रवास के दौरान कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर स्थित फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (एफओबी) ताड़पाला पहुंचकर सुरक्षा बलों के वीर जवानों से आत्मीय मुलाकात की और उनका उत्साहवर्धन किया।
मंत्री ने दुर्गम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए तैनात जवानों के अदम्य साहस, शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। उन्होंने कहा कि कर्रेगुट्टा की पहाड़ियां लंबे समय तक नक्सलवाद और हिंसा की चुनौतियों का सामना करती रही हैं। आज इन पहाड़ियों पर तिरंगे का गौरवपूर्ण लहराना सुरक्षा बलों के अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि हमारे वीर जवान कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, दुर्गम जंगलों और अनेक चुनौतियों के बीच अपने परिवारों से दूर रहकर देश की सुरक्षा में दिन-रात जुटे रहते हैं। उनके त्याग और बलिदान के कारण ही आज इन क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा और विकास का नया वातावरण बन रहा है।
मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि कर्रेगुट्टा में स्थापित शांति और सुरक्षा का वातावरण केवल सुरक्षाबलों की उपलब्धि नहीं, बल्कि बस्तर के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। जिन क्षेत्रों में कभी भय और असुरक्षा का माहौल था, वहां अब विकास की नई संभावनाएं आकार ले रही हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के निरंतर प्रयासों से छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान को निर्णायक दिशा मिली है। नक्सलवाद ने दशकों तक बस्तर के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास को प्रभावित किया, लेकिन अब सुरक्षा बलों के साहस, शासन की प्रतिबद्धता और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से सकारात्मक बदलाव आ रहा है।
सरकार का संकल्प है कि शांति और सुरक्षा के साथ प्रत्येक गांव तक सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचें। बस्तर की पहचान अब भय और हिंसा के बजाय अपनी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता और विकास के नए अवसरों से हो।
इस दौरान मंत्री ने कर्रेगुट्टा क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों में योगदान दे रहे श्रमिकों का सम्मान भी किया और 'श्रमेव जयते' का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र और प्रदेश के निर्माण में श्रमिकों का परिश्रम विकास की वास्तविक नींव है। प्रधानमंत्री के विकसित भारत और मुख्यमंत्री के विकसित छत्तीसगढ़ के विजन को साकार करने में श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
प्रवास के दौरान मंत्री ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि बस्तर की प्राकृतिक संपदा और जैव विविधता इसकी अमूल्य धरोहर है और आने वाली पीढ़ियों के लिए इसे संरक्षित रखना जरूरी है।
अंत में उन्होंने सुरक्षा बलों और श्रमिकों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर लहराता तिरंगा आज साहस, शांति और विकसित बस्तर के उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक बन रहा है।













