रतलाम। तीन साल पहले करीब एक लाख करोड़ रुपये की लागत से बने दिल्ली-मुंबई 8-लेन एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। रतलाम से गुजर रहे एक्सप्रेस-वे की नई दिल्ली जाने वाली लेन पर शिवगढ़ के पास स्थित अंडरपास के ठीक ऊपर दरार (क्रैक) दिखाई दी है। अंडरपास की गहराई करीब 30 फीट है। समय रहते पता चलने से बड़ा हादसा टल गया।
सूचना मिलते ही NHAI ने नई दिल्ली जाने वाली 4-लेन सड़क की पहली और दूसरी लेन को कुछ दूरी तक बंद कर दिया है। फिलहाल तीसरी और चौथी लेन से ही वाहनों को निकाला जा रहा है। प्रभावित हिस्से पर सुरक्षा के लिए ग्रीन नेट लगा दी गई है। दरार वाली जगह के आसपास सड़क को करीब 2 बाई 2 फीट के दायरे में खोदकर जांच की गई है।
बारिश के बाद निरीक्षण में मिला 2 वर्गमीटर का खराब हिस्सा
NHAI के प्रोजेक्ट मैनेजर देवेंद्र चापेकर का कहना है कि यह काम नियमित निरीक्षण और प्रो-एक्टिव मेंटेनेंस के तहत किया जा रहा है। बारिश के बाद किए गए निरीक्षण के दौरान ब्रिज डेक स्लैब के लगभग 2 वर्गमीटर हिस्से में खराबी पाई गई थी। ब्रिज के हिस्से से पानी रिस रहा था। उन्होंने दावा किया कि सुरक्षा को देखते हुए सुधार कराया जा रहा है और इसे एक सप्ताह के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। उनके मुताबिक 10 साल तक भी इस रोड पर कोई दिक्कत नहीं आनी चाहिए।
मध्य प्रदेश का 244 किमी हिस्सा तीन साल पहले तैयार हुआ था
वर्ष 2019 में इस 8-लेन एक्सप्रेस-वे का निर्माण शुरू हुआ था और 2023 में मध्य प्रदेश का 244 किलोमीटर का हिस्सा बनकर तैयार हुआ। महज तीन साल के भीतर पुल पर दरार आने से निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ होने वाला है, जिससे गुजरात और महाराष्ट्र से आने वाले वाहनों का दबाव इस मार्ग पर और बढ़ जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार प्रभावित हिस्से की पूरी मरम्मत और आवाजाही बहाल होने में करीब 15 दिन या उससे अधिक समय भी लग सकता है। फिलहाल रूट पर ट्रैफिक कम होने के कारण काम सुरक्षित तरीके से चल रहा है।














