श्योपुर। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) से चीता प्रोजेक्ट के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। दक्षिण अफ्रीका से लाई गई और पिछले 21 दिनों से लापता मादा चीता 'निर्वा' (Nirva) को वन विभाग और वन्यजीव विशेषज्ञों की टीम ने सुरक्षित खोज निकाला है। निर्वा का सैटेलाइट रेडियो कॉलर (Satellite Collar) काम नहीं कर रहा था, जिसके कारण उससे सिग्नल मिलना बंद हो गए थे। तलाश पूरी होने के बाद निर्वा को सुरक्षित वापस बड़े बाड़े (Enclosure) में छोड़ दिया गया है।


मानसून और खराब कॉलर के बीच 21 दिन की कड़ी तलाश

कूनो नेशनल पार्क के फील्ड डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर जानकारी साझा करते हुए इसे चीता प्रोजेक्ट की बड़ी सफलता बताया: निर्वा के कॉलर से सिग्नल बंद होने के कारण घने जंगल और मानसून के मौसम में उसकी सटीक लोकेशन ट्रेस करना बड़ी चुनौती बन गया था। सिग्नल न मिलने के बावजूद ग्राउंड ट्रैकिंग टीमों, वन कर्मियों और विशेषज्ञों ने लगातार 21 दिनों तक जंगल के चप्पे-चप्पे पर तलाश जारी रखी और अंततः उसकी लोकेशन ढूंढ निकाली।


दिल्ली तक पहुँची थी शिकायत और कॉलर की खराबी पर सवाल

मादा चीता निर्वा के लंबे समय तक लापता रहने पर कूनो प्रबंधन के खिलाफ प्रशासनिक सवाल भी खड़े हुए थे: वाइल्डलाइफ वर्कर अजय दुबे ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के सदस्य सचिव को लिखित शिकायत भेजकर सैटेलाइट कॉलर की तकनीकी खराबी और मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की थी। शिकायत में कूनो में तैनात स्निफर डॉग 'इलू' और 'रूबी' की मौत के मामलों की जांच तथा कूनो में कथित शिकार की घटनाओं की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने का विषय भी उठाया गया है।


चीता प्रोजेक्ट के लिए राहत: निर्वा के सुरक्षित मिल जाने से कूनो नेशनल पार्क प्रबंधन और राष्ट्रीय चीता परियोजना की टीम ने राहत की सांस ली है। हालांकि, महंगे और अत्याधुनिक सैटेलाइट कॉलर के अचानक बंद होने के कारणों पर अब भी जांच और समीक्षा की जरूरत बनी हुई है।