भिंड। मध्य प्रदेश के भिंड जिले में पिछले दिनों उजागर हुए सनसनीखेज 'हनीट्रैप कांड' ने अब एक बेहद खौफनाक और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। भोले-भाले और रसूखदार लोगों को हुस्न के जाल में फंसाकर ब्लैकमेल करने वाले इस अंतरराज्यीय गिरोह की एक मुख्य महिला सदस्य के एचआईवी (HIV) पॉजिटिव होने की आधिकारिक पुष्टि हुई है। इस खुलासे के बाद पुलिस प्रशासन के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग की भी चिंताएं चरम पर पहुंच गई हैं। यह मामला अब केवल जबरन वसूली (उगाही) का अपराध न रहकर, एक बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट में तब्दील हो गया है, क्योंकि गिरोह के संपर्क में आए कई पीड़ितों पर जानलेवा संक्रमण का खतरा मंडराने लगा है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त जांच में यह खौफनाक सच सामने आया है कि गिरफ्तार की गई महिला आरोपी पिछले तीन वर्षों से लगातार एचआईवी संक्रमण का इलाज करा रही थी। इसके बावजूद, वह अपने पुरुष और महिला साथियों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से पुरुषों को प्रेमजाल में फंसाती थी। गिरोह के सदस्य पीड़ितों के साथ महिला के आपत्तिजनक वीडियो और अश्लील क्लिप तैयार कर लेते थे, और फिर समाज में बदनामी करने तथा पुलिस में झूठा बलात्कार (रेप) का केस दर्ज कराने की धमकी देकर लाखों रुपये की मोटी रकम ऐंठते थे।
पैर दर्द का बहाना बनाकर किसान को बुना था जाल
इस पूरे सिंडिकेट का भंडाफोड़ तब हुआ जब बीते 27 मई 2026 को एक पीड़ित किसान ने हिम्मत दिखाते हुए भिंड देहात थाने में मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। किसान ने अपनी शिकायत में बताया था कि जब वह बाजार से घर लौट रहा था, तब रास्ते में एक महिला ने पैर में तेज दर्द होने का बहाना बनाकर उससे मदद मांगी और लिफ्ट ली। इसके बाद महिला उसे एक सुनसान ठिकाने पर ले गई, जहां गिरोह के अन्य साथी पहले से कैमरे लेकर जाल बिछाए बैठे थे। वहां किसान का आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उसे बंधक बना लिया गया और लाखों रुपये की मांग की गई। किसान की इस सूझबूझ भरी शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए देहात थाना पुलिस ने जाल बिछाकर गिरोह के चार सक्रिय सदस्यों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था, जिनमें दो महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं। पुलिस रिमांड के दौरान जब मुख्य महिला आरोपी का मेडिकल टेस्ट कराया गया, तो उसके एचआईवी संक्रमित होने की पुष्टि हुई, जिसने पूरी जांच की दिशा ही बदल कर रख दी।
रसूखदारों के मिले वीडियो; लोकलाज के डर से छिप रहे पीड़ित
देहात थाना पुलिस ने महिला और उसके साथियों के पास से जब्त किए गए मोबाइल फोन, मेमोरी कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को खंगाला है, जिससे कई चौंकाने वाले विजुअल्स और वीडियो साक्ष्य मिले हैं। इन वीडियो के तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने अब तक ऐसे कई चेहरों और सफेदपोशों की शिनाख्त की है, जो इस हनीट्रैप गिरोह का परोक्ष रूप से शिकार बन चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक, शिकार हुए लोगों में भिंड और आसपास के जिलों के कुछ बेहद हाई-प्रोफाइल और रसूखदार लोग भी शामिल हैं।
पुलिस की अहम अपील: पुलिस अधिकारियों ने अब तक तीन से चार पुख्ता पीड़ितों से संपर्क साधा है, लेकिन अंदेशा है कि वास्तविक शिकार हुए लोगों की संख्या दर्जन से अधिक हो सकती है। बदनामी, पारिवारिक कलह और सामाजिक तिरस्कार के डर से अधिकांश पीड़ित सामने आने और शिकायत दर्ज कराने से कतरा रहे हैं। मामले की गंभीरता और जान के खतरे को देखते हुए भिंड पुलिस ने एक विशेष और गोपनीय अपील जारी की है। पुलिस ने कहा है कि जो भी व्यक्ति प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से इस गिरोह या उक्त महिला के संपर्क में आया था, वह लोकलाज छोड़कर तत्काल अपनी एचआईवी (HIV) जांच और काउंसलिंग कराए। अधिकारियों का साफ कहना है कि यह अब केवल कानूनी कार्रवाई का विषय नहीं है, बल्कि एक इंसान की जिंदगी और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ा बेहद संवेदनशील मसला है।
चारों आरोपी जेल में, नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
भिंड देहात थाना प्रभारी के मुताबिक, पकड़े गए चारों आरोपियों को माननीय न्यायालय के आदेश पर न्यायिक हिरासत (जेल) भेज दिया गया है। पुलिस की एक विशेष टीम अब इस बात की कड़ाई से तफ्तीश कर रही है कि इस गिरोह ने पिछले तीन सालों में किन-किन शहरों में अपना जाल फैलाया था और अब तक कुल कितने लोगों से करोड़ों रुपये की उगाही की जा चुकी है। पुलिस ने साफ किया है कि जो भी पीड़ित स्वेच्छा से सामने आकर अपनी जांच कराना चाहता है, उसकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी और उसे पूरी सुरक्षा व विधिक सहायता दी जाएगी। इस घटना ने पूरे चंबल अंचल में हड़कंप मचा रखा है।


