नागोया। एशियन गेम्स 2026 में सोमवार को पुरुषों के 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में हिमांशु ढिल्लों ने सिल्वर मेडल पर निशाना साधा। हिमांशु ने एशियन गेम्स में जीते इस पदक को अपने करियर का एक गर्व भरा पल बताया है। भारतीय शूटर ने सीनियर लेवल पर जीते अपने इस पहले मेडल का श्रेय परिवार, कोच पूजा घाटकर और साइकोलॉजिस्ट शिवम द्विवेदी को दिया।
मेंस 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में चीन के मौजूदा ओलंपिक चैंपियन शेंग लिहाओ ने 254.2 प्वाइंट्स के गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया, जबकि हिमांशु ढिल्लों ने कुल 252.4 प्वाइंट्स अर्जित करते हुए सिल्वर हासिल किया। भारत के रुद्रांक्ष पाटिल (230.9) ब्रॉन्ज मेडल जीतने में कामयाब रहे।
हिमांशु ने 'आईएएनएस' से कहा, "यह मेरे लिए बहुत गर्व का पल है। मैं बहुत खुश हूं, क्योंकि यह मेरा पहला सीनियर मेडल है। मैं अपने मेडल बॉक्स में एक और पदक जोड़कर बहुत खुश हूं। मैंने अपने देश के लिए सिल्वर मेडल जीता है। यह बहुत खुशी की बात है।"
शूटर ने अपने माता-पिता, कोच और साइकोलॉजिस्ट को जीत का श्रेय देते हुए कहा, "मैं यह मेडल अपने परिवार को समर्पित करता हूं। मैं अपने माता-पिता को नहीं भूल सकता। मैं यह मेडल अपनी कोच,पूजा घाटकर को समर्पित करता हूं। मैं यह मेडल अपने साइकोलॉजिस्ट, शिवम द्विवेदी को समर्पित करता हूं। मेरी कोच बहुत निष्ठावान हैं। उन्होंने मुझे बहुत प्रोत्साहित किया। मेरे माता-पिता ने मेरे लिए बहुत कुछ किया। मेरी कोच ने मेरे लिए बहुत कुछ किया। उन्होंने मुझे फोकस बनाए रखने में मदद की और हर तरह के भटकाव से दूर रखा।"
हिमांशु ढिल्लों ओलंपिक चैंपियन अभिनव बिंद्रा को शूटिंग में अपना रोल मॉडल मानते हैं, जबकि अन्य खेलों में वह विराट कोहली का अनुसरण करते हैं। उन्होंने बताया कि इवेंट के तुरंत बाद वह अपने पिता से बात नहीं कर पाए, क्योंकि वह विदेश यात्रा पर थे, लेकिन वह अपनी मां से बात की, जो उनकी इस उपलब्धि पर बहुत गर्व महसूस कर रही थीं।
उन्होंने कहा, "मेरे पिता विदेश यात्रा पर थे। उस समय मैं अपने पिता से संपर्क नहीं कर पाया, लेकिन मां से बात की। वह बहुत गर्व महसूस कर रही थीं। वह बहुत खुश हैं। हालांकि, मैंने उनसे ज्यादा बात नहीं की, लेकिन होटल वापस जाने पर मैं उनसे बात करूंगा।"




