सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में प्रशासनिक बुलडोजर कार्रवाई के बाद विवाद और गहरा गया है। करीब 16 घंटे चली ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बाद जब रविवार सुबह मलबा हटाया गया, तो मस्जिद के नीचे 20 फीट गहरा और डेढ़ मीटर चौड़ा कुआं निकला। यह कुआं एक भारी पत्थर के स्लैब से ढंका हुआ था, जिसे प्रशासन ने कटर से कटवाकर देखा और फिलहाल सुरक्षा के लिहाज से लोहे की चादर से ढक दिया है। कुएं के ऐतिहासिक इतिहास का पता लगाने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को बुलाया गया है।
'पहले मंदिर रहा होगा' बनाम '100 साल पुरानी मस्जिद': दावों का दौर
मस्जिद की शिकायत करने वाले बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने दावा किया कि कुआं मिलने से उनका शक सही साबित हुआ है और यहां पहले मंदिर रहा होगा जिसे तोड़कर मस्जिद बनाई गई थी। उन्होंने इसकी पुरातत्व जांच की मांग की है।
दूसरी ओर, मुस्लिम धर्मगुरुओं और मस्जिद पक्ष के अधिवक्ताओं का कहना है कि यह मस्जिद करीब 100 साल पुरानी थी और इसका जिक्र 70 साल पुराने वक्फ दस्तावेजों में भी है। वकीलों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने बिना हाईकोर्ट में अपील का मौका दिए जल्दबाजी में यह कार्रवाई की है और वे इसके खिलाफ उच्च न्यायालय जाएंगे।
राजनीतिक बयानबाजी चरम पर: अखिलेश, राहुल, चंद्रशेखर और संगीत सोम आमने-सामने
मस्जिद गिराए जाने और कुआं मिलने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है:
चंद्रशेखर आजाद (नगीना सांसद): उन्होंने कहा कि सिटी मजिस्ट्रेट का आदेश केवल बेदखली का था, स्ट्रक्चर ढहाने का नहीं। इतनी जल्दबाजी क्यों की गई? यह लड़ाई सड़क, सदन और कोर्ट में लड़ी जाएगी।
इमरान मसूद (सहारनपुर कांग्रेस सांसद): इसे संविधान और देश की न्यायिक प्रणाली पर प्रहार बताते हुए कहा कि 15 दिन की मोहलत दिए बिना कार्रवाई की गई, जो बेहद दुखद है।
संजय सिंह (AAP सांसद) व मोहिबुल्लाह नदवी (सपा सांसद): संजय सिंह ने इसे 1947 के पूजा स्थल अधिनियम (Places of Worship Act) का उल्लंघन बताते हुए भाजपा पर चुनाव से पहले माहौल खराब करने का आरोप लगाया। वहीं नदवी ने कहा कि संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
संगीत सोम (भाजपा नेता): उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मस्जिद नहीं बल्कि अवैध जमीन पर अवैध इमारत का ध्वस्तीकरण है, जिसके नीचे 400 साल पुराना कुआं निकला है। यूपी में सभी अवैध धार्मिक ढांचे गिराए जाएंगे।
ओम प्रकाश राजभर (यूपी मंत्री): उन्होंने सोशल मीडिया 'X' के जरिए सपा प्रमुख पर तंज कसते हुए पूछा कि क्या अखिलेश यादव सहारनपुर जाकर इस मलबे के सामने फातिहा पढ़ेंगे?
शिकायत से बुलडोजर तक: क्या है पूरा कानूनी मामला?
कलेक्ट्रेट परिसर में बनी 3,300 स्क्वायर फीट की दो मंजिला इमारत (मस्जिद) को लेकर 10 फरवरी 2025 को विकास त्यागी ने शिकायत की थी। जांच के बाद 24 मार्च 2025 को नगर मजिस्ट्रेट कोर्ट में केस चला और 16 जुलाई 2026 को कोर्ट ने इसे अवैध मानते हुए हटाने तथा 6.41 करोड़ रुपये के हर्जाने का आदेश दिया। मस्जिद पक्ष द्वारा जिला कोर्ट में दी गई चुनौती पर स्टे मिला था, लेकिन 2 सितंबर को जिला जज सतेंद्र कुमार की अदालत ने नगर मजिस्ट्रेट के फैसले को बरकरार रखते हुए याचिका खारिज कर दी। शनिवार तड़के 4 बजे से शुरू हुई बुलडोजर कार्रवाई के जरिए रविवार सुबह तक पूरे ढांचे को जमींदोज कर मलबा साफ कर दिया गया। फिलहाल सुरक्षा के मद्देनजर कलेक्ट्रेट परिसर में भारी पुलिस और पीएसी बल तैनात है।




