भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसूनी तंत्र एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। पूर्वी मध्य प्रदेश के बाद अब राज्य के पश्चिमी हिस्सों में भी झमाझम बारिश का सिलसिला जारी है। नदियों और नदी-नालों के उफान पर आने से कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। मौसम विभाग ने रविवार को ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग के जिलों में अतिवृष्टि की चेतावनी जारी की है।
उज्जैन में हादसा: बारिश और खुदाई से गिरा पुराना महाकाल द्वार
लगातार हो रही बारिश के बीच धार्मिक नगरी उज्जैन में शनिवार देर रात एक बड़ा हादसा टल गया। महाकाल मंदिर से रामघाट जाने वाले मार्ग पर स्थित ऐतिहासिक पुराना महाकाल द्वार अचानक जमींदोज हो गया। राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। प्राथमिक जानकारी के मुताबिक द्वार के समीप निर्माण कार्य के लिए गहरी खुदाई की गई थी, जिससे लगातार बारिश के कारण मिट्टी धंस गई और संरचना ढह गई। हालांकि, वास्तविक कारणों का खुलासा प्रशासनिक जांच के बाद ही होगा।
इन 15 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, अगले 3 दिन राहत के आसार नहीं
मौसम विभाग ने रविवार को प्रदेश के 15 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है: ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, पन्ना और सतना। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, नर्मदापुरम और शहडोल संभाग समेत प्रदेश के अन्य 40 जिलों में भी गरज-चमक के साथ मौसम सक्रिय रहेगा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 6 सितंबर के साथ-साथ 7, 8 और 9 सितंबर को भी तेज बारिश का दौर जारी रहेगा, हालांकि इंदौर में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना कम है।
23 जिलों में कोटा पूरा, कई इलाकों में अब भी पानी का सूखा
प्रदेश में बारिश के आंकड़े मिलाजुला रुझान दिखा रहे हैं। एक तरफ जहां 23 जिलों में औसत से अधिक बारिश दर्ज हो चुकी है, वहीं कई पश्चिमी व मध्य जिलों में स्थिति अभी भी सामान्य से कम है। भोपाल, ग्वालियर, भिंड, दतिया, गुना, छतरपुर, पन्ना, सतना, टीकमगढ़, शहडोल, सिंगरौली, मऊगंज और बुरहानपुर। इंदौर, उज्जैन, धार, देवास, रतलाम, शाजापुर, नीमच, मंदसौर, नर्मदापुरम, रायसेन, सीहोर और विदिशा। मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने उफान पर चल रहे नदी-नालों और निचले इलाकों में रह रहे लोगों को अगले तीन-चार दिनों तक विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।




