इंदौर, रविकांत वर्मा। बाणगंगा थाना क्षेत्र में ऑनलाइन लोन ऐप के जरिए साइबर ब्लैकमेलिंग का सनसनीखेज मामला सामने आया है। 27 वर्षीय युवती ने FLEXIBEE और CASHTOYOU ऐप से महज 16,760 रुपये का लोन लिया था। लोन की रकम चुकाने के बाद भी साइबर ठगों ने युवती का पीछा नहीं छोड़ा और उसके मोबाइल डेटा व गैलरी तक पहुंच हासिल कर ली।
फोटो एडिट कर बनाया अश्लील, रिश्तेदारों और परिचितों को भेजा
आरोप है कि साइबर ठगों ने युवती की निजी तस्वीरों को एडिट कर अश्लील बना दिया। इसके बाद इन तस्वीरों को उसके परिजनों और परिचितों को भेजकर युवती को बदनाम करने की धमकी दी गई। आरोपियों ने युवती को जान से मारने और तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर लगातार पैसे की मांग की।
71 ट्रांजेक्शन में खाते से निकाले 3.07 लाख रुपये
धमकियों से परेशान युवती और उसकी मां ने आरोपियों के कहे अनुसार अलग-अलग UPI आईडी और QR कोड के जरिए रकम ट्रांसफर की। पुलिस शिकायत के मुताबिक 23 जुलाई से 29 अगस्त के बीच कुल 71 ट्रांजेक्शन में दोनों बैंक खातों से करीब 3 लाख 7 हजार रुपये आरोपियों ने ट्रांसफर करवा लिए।
लगातार धमकियों से परेशान होकर थाने पहुंची युवती
बार-बार पैसे मांगने और अश्लील तस्वीरें भेजने की धमकियों से युवती मानसिक रूप से परेशान हो गई। आखिरकार उसने बाणगंगा थाने पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस खंगाल रही UPI और बैंक ट्रांजेक्शन
पुलिस अब उन सभी UPI आईडी, QR कोड और बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है, जिनमें रकम ट्रांसफर की गई। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि लोन ऐप के जरिए आरोपियों ने युवती के मोबाइल और निजी डेटा तक किस तरह पहुंच बनाई। मामले में साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
ऑनलाइन लोन ऐप डाउनलोड करते समय रहें सावधान
साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक अनजान या संदिग्ध लोन ऐप को मोबाइल में इंस्टॉल करने से पहले उसकी विश्वसनीयता जरूर जांचनी चाहिए। ऐसे ऐप को कॉन्टैक्ट, गैलरी, मैसेज और अन्य निजी डेटा की अनावश्यक अनुमति देने से बचना चाहिए। साइबर ठगी या ब्लैकमेलिंग होने पर पीड़ित को तुरंत पुलिस और साइबर क्राइम हेल्पलाइन से संपर्क करना चाहिए।












