भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने यूसीसी (समान नागरिक संहिता) कमेटी की राजनैतिक दलों के साथ बैठक को लेकर सत्ताधारी भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यूसीसी पहले गुजरात, उत्तराखंड और असम में लागू हो चुका है, लेकिन इससे क्या फायदा हुआ, इसका कोई हिसाब नहीं है।
पटवारी ने कहा, “मध्यप्रदेश में 1 करोड़ 60 लाख आदिवासी मूल निवासी रहते हैं, जिनकी अपनी अलग संस्कृति और सभ्यता है। उनकी परंपराओं का क्या होगा? मोदी जी समय-समय पर नए-नए शिगूफे लाते रहते हैं, जबकि देश महंगाई से त्राहि-त्राहि कर रहा है। कभी एनआरसी की बात करते हैं, कभी घुसपैठियों का मुद्दा उठाते हैं, लेकिन आज तक एक भी घुसपैठिए को पब्लिक डोमेन में नहीं ला पाए।”
“2 लाख 61 हजार बहनों का क्या?”
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री मोहन यादव, जो गृह मंत्री भी हैं, पर सवाल उठाते हुए कहा, “वे यूसीसी लेकर आ रहे हैं, लेकिन मध्यप्रदेश में 2 लाख 61 हजार बहनें गायब हैं। इस पर जवाब क्यों नहीं देते? ये लोग अपनी जवाबदेही से बचने के लिए देश को दूसरी राह पर ले जा रहे हैं।”
पटवारी ने स्पष्ट किया कि यूसीसी केंद्र का विषय है, न कि राज्यों का।
सखलेचा वाले वीडियो पर भी तंज
ओमप्रकाश सखलेचा के वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए जीतू पटवारी ने कहा, “यह सिर्फ एक डेमो है। कई नेताओं के साथ ऐसा होने वाला है। मर्यादाविहीन राजनीति आपके नेता करते हैं। लोकतंत्र में लोकव्यवहार नहीं बचा है, इसलिए यह सब हो रहा है। सखलेचा जी के उदाहरण से मुख्यमंत्री जी को सोचना चाहिए।”
पटवारी का यह बयान यूसीसी को लेकर शुरू हुई चर्चाओं के बीच आया है और विपक्षी दलों के बीच सत्ताधारी भाजपा सरकार के खिलाफ हमले की नई लाइन तय करता दिख रहा है।

