बेरूत। दक्षिणी लेबनान पर इजरायल ने जबरदस्त हवाई हमले किए। इसके बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इजरायल के ताजा हमलों को “खतरनाक उकसावे” की कार्रवाई बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।
औन ने कहा कि इजरायल की ओर से हमलों का एक "पैटर्न" दिखाई दे रहा है, जिसमें कथित सैन्य ठिकानों से आगे बढ़कर नागरिक प्रशासन और स्वास्थ्य सुविधाओं को भी निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने खास तौर पर नबातियेह गवर्नरेट में गंदूर अस्पताल के पूरी तरह तबाह होने और वित्त मंत्रालय की इमारत को हुए गंभीर नुकसान का उल्लेख किया।
राष्ट्रपति औन ने अमेरिका से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और इन हमलों को रोकने के साथ-साथ जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने की अपील की है।
इस बीच, दक्षिणी लेबनान में इजरायली हमले जारी रहे। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार रविवार को हुए विभिन्न हवाई हमलों में चार लोगों की मौत और कई लोग घायल हुए हैं। रॉयटर्स के मुताबिक मृतकों में दो महिलाएं शामिल हैं और छह लोग घायल हुए हैं, जिनमें दो बच्चियां भी हैं।
लेबनान की समाचार एजेंसी, नेशनल न्यूज एजेंसी (एनएनए) के अनुसार, इजरायली सेना ने टायर जिले के अल-मंसूरी इलाके में भी बमबारी की। हमलों में दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों को निशाना बनाए जाने की खबर है।
इजरायल का कहना है कि उसकी सैन्य कार्रवाई हिजबुल्लाह के ड्रोन हमलों के जवाब में की गई। इजरायली सेना ने कुछ स्थानों पर उन ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है, जिन्हें वह हिजबुल्लाह की गतिविधियों से जोड़ती है।
ताजा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच अमेरिका की मध्यस्थता से हुआ संघर्षविराम पहले ही दबाव में है। दक्षिणी लेबनान में लगातार सैन्य गतिविधियों के बीच बेरूत को आशंका है कि मौजूदा तनाव व्यापक संघर्ष का रूप ले सकता है।




