दमोह/हटा, राजेन्द्र तिवारी, सुदीप नगरिया। बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के नेतृत्व में निकाली जा रही सनातन हिंदू एकता रथयात्रा मंगलवार को अपने तीसरे दिन दमोह जिले के हटा से भव्य उत्साह और जयकारों के बीच अगले पड़ाव के लिए रवाना हुई। यात्रा के प्रस्थान से पूर्व पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने प्राचीन गौरीशंकर भगवान के मंदिर पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना और दर्शन किए। इसके पश्चात विशाल जनसमूह के साथ सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ और राष्ट्रगान का गायन हुआ। मंच से महाराज श्री ने बच्चों और युवाओं को सनातन धर्म की रक्षा, हिंदू एकता और सामाजिक समरसता से जुड़े सात पावन वचनों की शपथ दिलाई।


तीसरे दिन की यात्रा में देश के ख्यातिलब्ध संतों का बड़ा समागम देखने को मिला। यात्रा के रथ पर धीरेंद्र शास्त्री के साथ अयोध्या हनुमानगढ़ी के राजू दास महाराज, मलूकपीठ के गंगा दास महाराज, हरिद्वार के मौनी महाराज तथा चित्रकूट धाम के राधेश्याम महाराज विशेष रूप से मौजूद रहे। संतों की उपस्थिति ने यात्रा के आध्यात्मिक और सामाजिक प्रभाव को और प्रगाढ़ कर दिया।


हटा नगर से प्रस्थान के दौरान समूचा मार्ग 'जय श्री राम' और 'जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई' के नारों से गूंज उठा। घरों की छतों से श्रद्धालु निरंतर रथ और संतों पर पुष्पवर्षा करते नजर आए। छतों पर खड़े जनसमुदाय को संबोधित करते हुए पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कड़े शब्दों में एकजुटता का संदेश दिया। उन्होंने कहा, "छत पर खड़े हिंदुओं, अगर कल किसी हिंदू पर कोई विपत्ति या मुसीबत आए, तो घर से निकलोगे या नहीं? अगर ऐसे समय में भी घर से बाहर नहीं निकले, तो तुम सबसे बड़े बुजदिल कहलाओगे।" उन्होंने स्पष्ट किया कि इस यात्रा का उद्देश्य किसी भी प्रकार से राजनीति में जाना या किसी दल विशेष को वोट दिलवाना नहीं है, बल्कि बिखरे हुए सनातन समाज को एक सूत्र में पिरोना है।


हटा में यात्रा के स्वागत के लिए जगह-जगह ग्रामीण महिलाओं और स्कूली छात्राओं ने पारंपरिक परिधानों में सिर पर मंगल कलश रखकर अगवानी की। मुख्य मार्गों पर रंग-बिरंगे फूलों से आकर्षक रंगोलियां सजाई गईं और ढोल-नगाड़ों की थाप पर श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक नृत्य किया। तेज धूप से महाराज श्री को बचाने के लिए सेवादार छाता लेकर साथ चलते रहे। यात्रा में शामिल युवाओं ने कहा कि यह यात्रा समाज को बांटने वाली ताकतों को करारा जवाब है। वहीं बिहार से पहुंचे संत ऋषि ने बुंदेलखंड में मिल रहे अपार जनसमर्थन की प्रशंसा करते हुए लोगों से धर्महित के कार्यों में निरंतर जुड़े रहने का आह्वान किया।


उल्लेखनीय है कि रविवार सुबह बागेश्वर धाम से प्रारंभ हुई यह 5 दिवसीय यात्रा लगभग 500 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए बुंदेलखंड के पांच जिलों से होकर गुजर रही है। इसका मुख्य ध्येय सनातन एकता, सामाजिक समरसता, नशामुक्ति और धर्मांतरण व लव जिहाद से मुक्त समाज का निर्माण करना है। यात्रा में शामिल होने देश के कोने-कोने से श्रद्धालु पहुंचे हैं। इंदौर की दीपिका और कानपुर के मातृशक्ति सुंदरकांड मंडल की संध्या सिंह ने कहा कि हिंदू राष्ट्र का निर्माण केवल संतों का संकल्प नहीं, बल्कि हर नागरिक की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है। श्रद्धालु पूजा दुबे और सीता व्यास ने भावुक होते हुए बताया कि महाराज श्री के दर्शन और मार्गदर्शन से उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है। हटा से रवाना होकर यह विशाल जनसैलाब अब अपने अगले पड़ाव की ओर अग्रसर है।