लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने उत्तर प्रदेस में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का गठबंधन स्वार्थ और अवसरवाद पर आधारित है। इसमें देश या राज्य के विकास का कोई एजेंडा नहीं है।

मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने सोमवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "इतिहास को देखें तो कांग्रेस और समाजवादी पार्टी, दोनों ने अपनी सुविधा के अनुसार बार-बार गठबंधन बदले हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा अपनी पार्टी और परिवार के हित रहे हैं, न कि समाज, राज्य या देश के हित। जहां तक अखिलेश यादव ने बोला है, उनके बयान को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और कांग्रेस को भी उनके दिए संदेश पर संज्ञान लेना चाहिए।"

उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था के सवाल पर भूपेंद्र चौधरी ने कहा, "मुख्यमंत्री का यह कहना सही है कि समाजवादी पार्टी के समय 2012 से 2017 के बीच राज्य में अराजकता का माहौल था। दंगाई और माफियाओं का बोलबाला था। अपराधी पुलिस पर हमला करते थे और डर का माहौल बनाते थे, जिससे प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाती थी। आज स्थिति यह है कि अपराध और अपराधियों के प्रति भाजपा सरकार के कड़े रुख की वजह से अपराधी या तो जेल में हैं, या राज्य छोड़कर चले गए हैं, या फिर अब सक्रिय नहीं हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "यह सभी जानते हैं कि समाजवादी पार्टी की सरकारों के दौरान, योजनाएं सिर्फ वोटबैंक के फायदे को ध्यान में रखकर बनाई जाती थीं। कब्रिस्तान की चारदीवारी तो बनवाई जाती थीं, लेकिन श्मशान घाटों को नजरअंदाज कर दिया जाता था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हमारी सरकार के सत्ता में आने के बाद श्मशान घाटों के चारों ओर चारदीवारी बनवाई गई और बिना किसी भेदभाव के उनका जीर्णोद्धार किया गया।"

एसआईटी जांच पर अखिलेश यादव की टिप्पणी पर भूपेंद्र चौधरी ने कहा, "समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव ने कभी मस्जिद-दरगाहों का हिसाब नहीं मांगा। उनका सिर्फ एजेंडा सनातन धर्म, हिंदू देवी-देवताओं, मठ-मंदिर और साधु-संतों को अपमानित करने का रहा है। यह जगजाहिर है कि अयोध्या में कारसेवकों पर गोली चलाई गई और आजतक अखिलेश यादव भगवान श्रीराम के मंदिर में दर्शन के लिए नहीं गए हैं। वे सिर्फ सनातन धर्म को अपमान करने के लिए बयानबाजी करते हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "पूरे मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है और एसआईटी गठित की है। जिसके विरुद्ध भी रिपोर्ट आएगी, सरकार उसके खिलाफ कार्रवाई करेगी।

महाराष्ट्र के राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर भूपेंद्र चौधरी ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 सालों में हुए काम और 'विकसित भारत' के उनके विजन ने कई लोगों को, जिनमें दूसरी पार्टियों के नेता भी शामिल हैं, इस विकास यात्रा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया है। अगर कोई देश और समाज के लिए लगातार काम करता है, तो लोग स्वाभाविक रूप से प्रभावित होते हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "मोदी सरकार ने पिछले 12 सालों में जो ऐतिहासिक काम किए हैं, वे अलग-अलग पार्टियों के उन नेताओं के बढ़ते समर्थन में दिखते हैं जो विकास के एजेंडे से जुड़ना चाहते हैं। चाहे पश्चिम बंगाल हो, महाराष्ट्र हो या कोई और राज्य, अगर राजनीतिक नेता देश के विकास के लिए प्रतिबद्ध सरकार के साथ काम करना चाहते हैं, तो हम उनका स्वागत करते हैं। जो कोई भी हमारी विचारधारा से सहमत है, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में काम करना चाहता है और एनडीए के विकास एजेंडे में योगदान देना चाहता है, उसका स्वागत है।"