राजगढ़। जिले के ब्यावरा स्थित निजी निदान अस्पताल में तीन वर्षीय मासूम की मौत के बाद शुक्रवार शाम जमकर हंगामा हो गया। मृतक अजय उर्फ नील मीना निवासी लोधी मोहल्ला सुठालिया पिछले कई दिनों से बीमार था और अस्पताल में भर्ती होकर इलाज करा रहा था। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।


परिवार के अनुसार बच्चे को पहले उल्टी-दस्त की शिकायत होने पर अस्पताल ले जाया गया था, जहां प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। तबीयत में सुधार नहीं होने पर 18 मई को दोबारा भर्ती कराया गया। जांच के बाद डॉक्टरों ने शरीर में खून और विटामिन की कमी बताते हुए इलाज शुरू किया। परिजनों का कहना है कि पांच दिनों तक इलाज के नाम पर हजारों रुपए खर्च कराए गए और बाहर से ब्लड भी मंगवाया गया, लेकिन बच्चे की हालत लगातार बिगड़ती रही।


शुक्रवार शाम डॉक्टरों ने अचानक बच्चे को दूसरे अस्पताल रेफर करने की बात कही। इसी दौरान उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिजन भड़क उठे और अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब एक घंटे तक अस्पताल में तनाव की स्थिति बनी रही।


मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि बच्चे की मौत शुक्रवार सुबह ही हो चुकी थी। उनका कहना है कि सुबह जब उन्होंने बच्चे को देखा तो उसका शरीर ठंडा पड़ चुका था, लेकिन अस्पताल प्रबंधन देर शाम तक इलाज चलने का दावा करता रहा और बाद में मृत घोषित किया।


सूचना मिलने पर देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश देकर मामला शांत कराया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी प्रवीण जाट ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


गौरतलब है कि ब्यावरा के मोया जोड़ स्थित इस निजी अस्पताल पर पहले भी विवाद और लापरवाही के आरोप लग चुके हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।