रायगढ़//छत्तीसगढ़ (रोहित तिर्की) - जनपद पंचायत धरमजयगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत चिड़ोडीह में 15वें एवं 16वें वित्त आयोग की राशि से कराए गए विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों को लेकर अब स्थल निरीक्षण की मांग उठने लगी है। ग्रामीणों और स्थानीय स्तर पर जुड़े लोगों का कहना है कि पंचायत में वित्तीय मदों से स्वीकृत एवं पूर्ण बताए गए सभी कार्यों का निष्पक्ष एवं भौतिक सत्यापन कराया जाना आवश्यक है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि जिन कार्यों के नाम पर राशि खर्च की गई है, वे वास्तव में स्थल पर हुए हैं या नहीं।
बताया जा रहा है कि ग्राम पंचायतों में वित्त आयोग की राशि का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना और ग्रामीणों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्य कराना है। ऐसे में इन मदों से कराए गए प्रत्येक कार्य की गुणवत्ता, वास्तविक स्थिति, उपयोगिता और खर्च की गई राशि का भौतिक सत्यापन महत्वपूर्ण हो जाता है।
कागजों में दर्ज कार्यों का हो भौतिक सत्यापन
चिड़ोड़ीह ग्राम पंचायत में 15वें और 16वें वित्त से स्वीकृत एवं कराए गए सभी कार्यों की सूची तैयार कर संबंधित विभागीय अधिकारियों द्वारा एक-एक कार्य का स्थल निरीक्षण किए जाने की मांग की जा रही है। निरीक्षण के दौरान यह देखा जाना चाहिए कि स्वीकृत कार्य स्थल पर वास्तव में मौजूद है या नहीं, कार्य की मात्रा एवं गुणवत्ता स्वीकृत प्राक्कलन के अनुरूप है या नहीं तथा निर्माण में निर्धारित मापदंडों का पालन किया गया है या नहीं।
इसके साथ ही कार्यों से संबंधित प्रशासकीय स्वीकृति, तकनीकी स्वीकृति, कार्यादेश, माप पुस्तिका (MB), भुगतान विवरण, बिल-वाउचर, पूर्णता प्रमाण पत्र और अन्य संबंधित अभिलेखों का भी परीक्षण किया जाना चाहिए। दस्तावेजों और स्थल की वास्तविक स्थिति का मिलान होने के बाद ही किसी कार्य को सही रूप से पूर्ण माना जाना चाहिए।
यदि कार्य स्थल पर नहीं मिला तो हो जिम्मेदारी तय
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच के दौरान किसी ऐसे कार्य का उल्लेख दस्तावेजों में मिलता है जो मौके पर हुआ ही नहीं है, अधूरा है या कागजों में पूर्ण दर्शाया गया है, तो मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित जिम्मेदारों की भूमिका की जांच की जानी चाहिए।
इसी तरह यदि किसी निर्माण कार्य में स्वीकृत मापदंड के विपरीत सामग्री का उपयोग किया गया है, निर्धारित मात्रा से कम कार्य किया गया है अथवा भुगतान अधिक किया गया है, तो उसकी भी तकनीकी एवं वित्तीय जांच आवश्यक है। अनियमितता प्रमाणित होने की स्थिति में संबंधित अधिकारी, कर्मचारी, एजेंसी या जिम्मेदार व्यक्ति के विरुद्ध प्रचलित नियमों के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए तथा यदि शासकीय राशि के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो नियमानुसार राशि की वसूली की प्रक्रिया भी अपनाई जानी चाहिए।
जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने की मांग
ग्रामीणों की मांग है कि स्थल निरीक्षण केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित न रहे, बल्कि मौके पर पहुंचकर प्रत्येक कार्य की वास्तविक स्थिति का परीक्षण किया जाए। आवश्यकता पड़ने पर कार्यस्थल की फोटो एवं वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाए तथा निरीक्षण रिपोर्ट को संबंधित अभिलेखों के साथ सुरक्षित रखा जाए, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की शिकायत होने पर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जा सके।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत के विकास के लिए मिलने वाली सरकारी राशि जनता के हित के लिए होती है। इसलिए इस राशि से होने वाले प्रत्येक निर्माण और विकास कार्य में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित होना जरूरी है। यदि किसी कार्य में कमी या अनियमितता नहीं है तो निष्पक्ष जांच से संबंधित पंचायत एवं जिम्मेदारों की स्थिति भी स्पष्ट हो जाएगी।
जिम्मेदार अधिकारियों से उठ रही उम्मीद
अब ग्रामीणों की नजर जनपद पंचायत धरमजयगढ़ एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों पर है। मांग की जा रही है कि ग्राम पंचायत चिड़ोड़ीह में 15वें एवं 16वें वित्त आयोग की राशि से कराए गए समस्त कार्यों की सूची सार्वजनिक कर उनका क्रमवार स्थल निरीक्षण कराया जाए। साथ ही जांच के निष्कर्षों के आधार पर दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और सरकारी राशि के सदुपयोग की निगरानी केवल किसी एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि समय रहते कार्यों का भौतिक सत्यापन और वित्तीय परीक्षण किया जाता है तो अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है और पंचायत में विकास कार्यों के प्रति लोगों का विश्वास भी मजबूत होगा।
फिलहाल, चिड़ोड़ीह ग्राम पंचायत में वित्त आयोग की राशि से हुए कार्यों की निष्पक्ष स्थल जांच की मांग ने पंचायत स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर एक महत्वपूर्ण सवाल खड़ा कर दिया है। अब देखना होगा कि संबंधित प्रशासन इस मांग पर क्या कदम उठाता है और यदि जांच में कोई अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदारों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाती है।




