दतिया। उपचुनाव के नतीजे आने के बाद पहली बार दतिया पहुंचे मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का शुक्रवार को उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। प्रसिद्ध सिद्धपीठ श्री पीतांबरा पीठ में पूजा-अर्चना और दर्शन करने के बाद जैसे ही डॉ. मिश्रा अपने स्थानीय निवास ‘माई कृपा’ पहुंचे, वहां पहले से ही मौजूद भाजपाइयों का उत्साह देखने लायक था। करीब आधे घंटे तक परिसर में समर्थकों की भारी आवाजाही और गहमागहमी का माहौल बना रहा।
'शेर आया' के नारों से गूंजा परिसर, एक इशारे पर बदला नारेबाजी का अंदाज
डॉ. नरोत्तम मिश्रा के निवास पहुंचते ही कार्यकर्ताओं ने ढोल-धमाकों के बीच ‘नरोत्तम मिश्रा जिंदाबाद’ और ‘देखो-देखो कौन आया, शेर आया-शेर आया’ जैसे गगनभेदी नारे लगाने शुरू कर दिए। कार्यकर्ताओं की भीड़ उनसे मिलने, हाथ मिलाने और तस्वीरें खिंचवाने के लिए उत्सुक नजर आई।
हालाँकि, समर्थकों की इस जबरदस्त नारेबाजी के बीच डॉ. मिश्रा ने तुरंत हाथ के इशारे से सभी को शांत रहने का संकेत दिया। उनके एक इशारे के बाद 'शेर आया' के नारे तुरंत बंद हो गए और पूरा परिसर ‘भारतीय जनता पार्टी जिंदाबाद’ तथा ‘नरेंद्र मोदी जिंदाबाद’ के नारों से गूंज उठा। इस मौके पर दतिया भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह भी उनके साथ विशेष रूप से मौजूद रहे।
राजनीतिक दौरों व कार्यकारिणी भंग होने के सवालों से बनाई दूरी
‘माई कृपा’ परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने इस यात्रा को पूरी तरह गैर-राजनीतिक बताया। उन्होंने कहा कि वे विशुद्ध रूप से धार्मिक यात्रा पर दतिया आए हैं। पीतांबरा माई के दर्शन के बाद उन्हें अपनी बहन के यहाँ आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने डबरा जाना है।
जब मीडियाकर्मियों ने उनसे उनके हालिया दिल्ली दौरों, उपचुनाव के नतीजों और दतिया जिला भाजपा कार्यकारिणी को भंग किए जाने से जुड़े तीखे सवाल पूछे, तो डॉ. मिश्रा ने इन पर कोई भी टिप्पणी करने से साफ इंकार कर दिया और माइक को दूर कर दिया। समर्थकों की इस भारी भीड़ को लेकर उन्होंने बस इतना कहा कि "ये सभी माई (पीतांबरा माता) के भक्त हैं।"
मौन उपस्थिति ने भी गरमाई दतिया की सियासत
भले ही पूर्व गृह मंत्री ने अपने इस दौरे को पूरी तरह व्यक्तिगत व धार्मिक बताया हो और किसी भी राजनीतिक विषय पर बयान देने से परहेज किया हो, लेकिन उपचुनाव के बाद दतिया में उनके इस पहले आगमन, समर्थकों की भारी मौजूदगी और शक्ति-प्रदर्शन के अंदाज ने क्षेत्र के सियासी हलकों में चर्चाओं का बाजार जरूर गर्म कर दिया है। करीब आधे घंटे तक कार्यकर्ताओं के बीच समय बिताने के बाद डॉ. मिश्रा डबरा के लिए रवाना हो गए।




