बैतूल/कोटा। राजस्थान के कोटा जिले में शनिवार सुबह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसे में मध्य प्रदेश के बैतूल निवासी 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 17 अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा सिमलिया थाना क्षेत्र में कराड़िया टोल प्लाजा से कुछ ही दूरी पर सुबह करीब 6 बजे घटित हुआ, जब श्रद्धालुओं से भरा एक टेंपो ट्रैवलर अनियंत्रित होकर रेलिंग तोड़ते हुए करीब 15 फीट गहरी पुलिया के नीचे जा गिरा। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।

सिमलिया थाना पुलिस के अनुसार, वाहन भोपाल से राजस्थान के प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर के दर्शन के लिए जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों और रेस्क्यू टीम के सदस्यों ने बताया कि दुर्घटना इतनी भयावह थी कि वाहन सीधे बोनट के बल नीचे गिरा, जिससे उसका अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। टक्कर के तीव्र प्रभाव से एक शव आगे का शीशा तोड़कर डैशबोर्ड पर लटक गया। कई यात्री सीटों के बीच बुरी तरह फंस गए थे, जिन्हें ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों ने खिड़कियों के शीशे तोड़कर व कटर की मदद से भारी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित हुआ, जिसे पुलिस ने बाद में सुचारू कराया।


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मृतकों व घायलों की शिनाख्त, ड्राइवर की भी जान गई

कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. नीलेश जैन ने बताया कि हादसे में 7 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था, जबकि एक घायल की मौत अस्पताल में उपचार के दौरान हुई। मृतकों में अरुणा, वैष्णवी, त्रिशा, कृष्णा, अनिता, ओम सूर्यवंशी, राजू और वाहन चालक शामिल हैं।

घायलों में वंदिता (पुत्री रविंद्र झरबड़े), अजय गावंडे (पुत्र मरोतराव गावंडे), वेदांत (पुत्र योगेश झरबड़े), मोहनिस (पुत्र रविंद्र झरबड़े), आकांक्षी (पुत्री कमलेश झरबड़े), हेमलता गायकवाड़ (पत्नी संतोष गायकवाड़) और सारांश (पुत्र कमलेश झरबड़े) सहित कुल 17 लोग शामिल हैं। चिकित्सकों के मुताबिक, अधिकतर यात्रियों के सिर में गंभीर चोटें आई हैं तथा हाथ-पैर में फ्रैक्चर हुए हैं। कुछ यात्रियों की नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें सीपीआर और ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है।


ड्राइवर को झपकी आने की आशंका, जांच में जुटा प्रशासन

कोटा जिला कलेक्टर पीयूष सामरिया ने 8 मौतों की पुष्टि करते हुए बताया कि वाहन में बैतूल के कई परिवारों के लोग सवार थे, जिनके पारिवारिक संबंधों और पृष्ठभूमि की जानकारी जुटाई जा रही है। शुरुआती पुलिस जांच में आशंका जताई जा रही है कि सुबह के वक्त ड्राइवर को झपकी आने के कारण वाहन अनियंत्रित हुआ और यह हादसा घटित हुआ। पुलिस ने मृतकों के शवों को मोर्चरी में रखवाकर परिजनों को सूचित कर दिया है तथा मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।


CM ने मृतकों के परिजनों को ₹4-4 लाख आर्थिक मदद देने के दिए निर्देश

इस मामले को मध्य प्रदेश सरकार ने त्वरित संज्ञान लेते हुए पीड़ितों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस भीषण हादसे पर गहरा दुख प्रकट करते हुए जान गंवाने वाले भोपाल और बैतूल जिले के निवासियों के आश्रितों को ₹4-4 लाख की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत करने के निर्देश जारी किए हैं; साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि वे कोटा स्थानीय प्रशासन से समन्वय स्थापित कर प्रभावित परिवारों व घायलों को इलाज और अन्य आवश्यक मामलों में हरसंभव त्वरित मदद सुनिश्चित करें।