भोपालमध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के लिए विधानसभा में विधेयक पेश कर चुकी है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस विधेयक को भ्रष्टाचार, बेरोजगारी सहित अन्य मुद्दों से ध्यान भटकाने का हथकंडा करार दिया है। कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार अपनी सारी सीमाएं पार कर चुका है। प्रदेश की जनता महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की बदहाली और प्रशासनिक भ्रष्टाचार से त्रस्त है, लेकिन भाजपा सरकार इन मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए समान नागरिक संहिता (यूसीसी) जैसे विषयों को राजनीतिक प्रोपेगेंडा बनाकर पेश कर रही है।
पटवारी ने कहा कि प्रदेश में कोई भी मंत्री ईमानदारी से काम करने का दावा नहीं कर सकता। शराब माफिया, रेत माफिया, शिक्षा माफिया और खनिज माफिया का बोलबाला है। हालात ऐसे हैं कि माफिया का प्रभाव सत्ता के सर्वोच्च स्तर तक दिखाई देता है और पूरी व्यवस्था उनके हित में काम करती नजर आती है।
उन्होंने भाजपा सरकार को उसकी 'मोदी गारंटी' की याद दिलाते हुए कहा कि चुनाव के समय किसानों से गेहूं 2700 रुपए प्रति क्विंटल, धान 3100 रुपए प्रति क्विंटल, सोयाबीन 6000 रुपए प्रति क्विंटल और मूंगफली 6200 रुपए प्रति क्विंटल खरीदने का वादा किया गया था, लेकिन आज तक किसानों को इन वादों के अनुरूप मूल्य नहीं मिला। भाजपा ने किसानों से सिर्फ झूठे वादे किए और अब उनसे मुंह मोड़ लिया है।
उन्होंने ऐलान किया है कि किसानों के अधिकारों और वादाखिलाफी के विरोध में 24 जुलाई को हरदा, होशंगाबाद और नरसिंहपुर में कांग्रेस व्यापक किसान आंदोलन करेगी और किसानों की आवाज को सड़क से सदन तक बुलंद करेगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मांग की है कि मध्य प्रदेश की वर्तमान आर्थिक स्थिति, कृषि और किसानों की वास्तविक स्थिति, शिक्षा और रोजगार की स्थिति, करोड़ों रुपये खर्च कर आयोजित इन्वेस्टर मीट के वास्तविक परिणामों और प्रदेश में फैले भ्रष्टाचार और उससे जुड़े मामलों पर श्वेत पत्र जारी करें।




