खजुराहो/छतरपुर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राष्ट्रीय महत्व की केन-बेतवा लिंक परियोजना बुंदेलखंड के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। परियोजना से क्षेत्र में सिंचाई, पेयजल और ऊर्जा के क्षेत्र में व्यापक बदलाव आएगा। उन्होंने कहा कि विकास के साथ प्रभावित और विस्थापित परिवारों के हितों का पूरा ध्यान रखना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने पन्ना एवं छतरपुर जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि प्रभावित गांवों में अधिकारी घर-घर पहुंचकर परिवारों की वास्तविक स्थिति और समस्याओं को समझें। विशेष रूप से आदिवासी परिवारों की कठिनाइयों को संवेदनशीलता के साथ सुनकर उनका प्राथमिकता से निराकरण कराया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विस्थापित परिवारों को शासन की पात्र योजनाओं का लाभ उनके घर तक पहुंचाया जाए। जहां परिवारों ने नए स्थान पर निवास बना लिया है, वहां स्कूल, आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक भवन सहित जरूरी मूलभूत सुविधाओं के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।
रूँझ-मझगांव परियोजना के प्रभावितों को अतिरिक्त राशि का शीघ्र भुगतान
मुख्यमंत्री ने पन्ना की रूँझ-मझगांव परियोजना में स्वीकृत अतिरिक्त राशि का प्रभावितों को शीघ्र भुगतान कराने के निर्देश दिए। जिन प्रभावितों के पास उम्र संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, उनकी आयु का निर्धारण मेडिकल परीक्षण के आधार पर करने को कहा।
परियोजना की नियमित मॉनिटरिंग और विभागों में बेहतर समन्वय के निर्देश
बैठक में प्रमुख सचिव जल संसाधन विभाग संदीप यादव ने परियोजना की प्रगति का प्रस्तुतिकरण दिया। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से जुड़े जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट को परियोजना की उच्च प्राथमिकता के साथ गांव-गांव नियमित मॉनिटरिंग करने तथा संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जन चौपाल और जागरूकता यात्राओं से लोगों को परियोजना के लाभ बताएं
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में जन चौपाल और जागरूकता यात्राओं के माध्यम से लोगों को परियोजना से मिलने वाले लाभों की जानकारी दी जाए। मैदानी स्तर पर सकारात्मक गतिविधियां आयोजित कर लोगों की आशंकाओं और समस्याओं का समाधान किया जाए।
8.11 लाख हेक्टेयर में बढ़ेगी सिंचाई क्षमता, 44 लाख से अधिक लोगों को मिलेगा पेयजल
मुख्यमंत्री ने बताया कि परियोजना पूर्ण होने पर मध्यप्रदेश में लगभग 8.11 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ेगी और 44 लाख से अधिक लोगों को पेयजल सुविधा का लाभ मिलेगा। परियोजना के तहत 103 मेगावाट जल विद्युत तथा 27 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन भी प्रस्तावित है। बुंदेलखंड एवं मध्य भारत के पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, सागर, विदिशा, रायसेन, शिवपुरी और दतिया जिलों के 1,382 गांवों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।
सम्मानजनक पुनर्वास के साथ विकास की मुख्यधारा से जुड़ेंगे प्रभावित परिवार
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना केवल जल संसाधन विकास की योजना नहीं, बल्कि बुंदेलखंड में आर्थिक और सामाजिक बदलाव का माध्यम है। सरकार का प्रयास है कि परियोजना से प्रभावित परिवारों का पुनर्वास सम्मानजनक ढंग से हो और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। समीक्षा बैठक में जनप्रतिनिधियों में खजुराहो सांसद वी.डी. शर्मा, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, पन्ना, छतरपुर, बिजावर, राजनगर विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों में मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल, प्रमुख सचिव संदीप यादव, सचिव (मुख्यमंत्री) डॉ. सुदाम खाड़े, सागर कमिश्नर अनिल सुचारी, आईजी मिथलेश शुक्ला, कलेक्टर छतरपुर मृणाल मीना, कलेक्टर पन्ना ऊषा परमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का खजुराहो आगमन पर आत्मीय स्वागत
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को टीकमगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के पश्चात खजुराहो पहुंचे। खजुराहो विमानतल पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर खजुराहो सांसद वी.डी. शर्मा, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, छतरपुर विधायक ललिता यादव, राजनगर विधायक अरविंद पटेरिया, बिजावर विधायक राजेश शुक्ला, पन्ना विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष विद्या अग्निहोत्री, नपा अध्यक्ष ज्योति चौरसिया, कमिश्नर सागर अनिल सुचारी, आईजी मिथलेश शुक्ला, कलेक्टर मृणाल मीना, पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. सुदाम खाड़े तथा आयुक्त जनसंपर्क मनीष सिंह भी खजुराहो पहुंचे। विमानतल से मुख्यमंत्री डॉ. यादव खजुराहो स्थित कन्वेंशन सेंटर पहुंचे। इसके पश्चात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्वेंशन सेंटर में केन-बेतवा लिंक परियोजना की प्रगति को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में सहभागिता की तथा परियोजना से संबंधित विभिन्न विषयों की समीक्षा की।





