सना। सऊदी लड़ाकू विमानों के हवाई हमलों में यमन के चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। सऊदी लड़ाकू विमानों रविवार को यमन के उत्तरी अल-जौफ प्रांत में टेलीकम्युनिकेशन से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाकर हमले किए।
हूती के नियंत्रण वाले अल-मसीरा टीवी ने बताया कि सऊदी लड़ाकू विमानों ने यमन की उत्तरी सीमा पर सऊदी अरब से लगे अल-जौफ के एक इलाके में टेलीकम्युनिकेशन टावरों पर हमला किया। रिपोर्ट में एक स्थानीय सूत्र के हवाले से कहा गया कि इन हमलों में टेलीकम्युनिकेशन सुविधाओं पर काम करने वाले चार कर्मचारियों की मौत हो गई। इन कथित हवाई हमलों पर सऊदी अरब की तरफ से तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, हमलों में हताहत हुए लोगों की संख्या की स्वतंत्र रूप से पुष्टि भी नहीं हो सकी है।
इन हमलों की खबर ऐसे समय आई है, जब हूती समूह और सऊदी अरब के समर्थन वाली यमन सरकार की सेनाओं के बीच संघर्ष काफी तेज हो गया है।
इससे पहले रविवार को हूती समूह ने दावा किया था कि सऊदी लड़ाकू विमानों ने पिछले 24 घंटों में 28 हवाई हमले किए। ये हमले उत्तरी अल-जौफ, दक्षिण-पश्चिमी ताइज और उत्तर-पूर्व के तेल से समृद्ध मारिब प्रांत में किए गए।
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारीया ने रविवार को एक बयान में कहा कि सऊदी अरब के खामिस मुशैत और ताइफ एयरबेस से उड़ान भरने वाले एफ-15 और टाइफून लड़ाकू विमानों ने ताइज, मारिब और अल-जौफ प्रांतों में ये हमले किए।
सारीया ने दावा किया कि हालिया तनाव और लड़ाई शुरू होने के बाद से अब तक कुल 760 हवाई हमले किए जा चुके हैं। सऊदी अरब ने इन ताजा आंकड़ों पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
इस बीच, रविवार को दक्षिण-पश्चिमी यमन में भी भीषण लड़ाई जारी रही। हूती समूह ने दस सितंबर को लाल सागर के किनारे स्थित बंदरगाह शहर मोचा पर कब्जा कर लिया था। इसके एक दिन बाद हूती लड़ाके दक्षिण की ओर बढ़े और धुबाब तथा अहम बाब अल-मंदेब स्ट्रेट में स्थित मय्यून द्वीप पर भी कब्जा कर लिया।
अब यमन की सरकारी सेना इस अहम समुद्री रास्ते की ओर जाने वाले पहाड़ी इलाकों में हूती लड़ाकों को और आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश कर रही है।
यमन में संघर्ष 2014 के आखिर में शुरू हुआ था, जब हूती समूह ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था।




