भोपाल, जीतेन्द्र यादव। समाजवादी पार्टी ने मध्य प्रदेश सरकार की स्थानांतरण नीति 2026 और उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग में हुए तबादलों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता यश भारतीय ने भोपाल में आयोजित प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि प्रदेश में तबादला प्रक्रिया पारदर्शी न होकर भ्रष्टाचार और पक्षपात का माध्यम बन गई है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा निर्धारित समय-सीमा के बावजूद उद्यानिकी विभाग में स्थानांतरण आदेश जारी नहीं किए गए, जिससे कई संदेह उत्पन्न होते हैं।

यश भारतीय ने आरोप लगाया कि विभाग में वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारियों को संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब अन्य विभागों ने समय पर स्थानांतरण आदेश जारी कर दिए, तब उद्यानिकी विभाग में फाइलें लंबित रखी गईं। उन्होंने मांग की कि यह स्पष्ट किया जाए कि किसके दबाव में फाइलें रोकी गईं और नियमों की अनदेखी क्यों की गई।

प्रेस वार्ता में उन्होंने धार जिले में पदस्थ प्रभारी उप संचालक उद्यान नीरज सांवलिया का मामला उठाते हुए कहा कि उनके विरुद्ध लोकायुक्त में जांच प्रक्रियाधीन होने के बावजूद उन्हें वर्तमान पद से नहीं हटाया गया। समाजवादी पार्टी का आरोप है कि इससे जांच की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है और दस्तावेजों से छेड़छाड़ की आशंका बनी रहती है।

इसके अलावा इंदौर के ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी सौरभ व्यास के मामले का भी उल्लेख किया गया। पार्टी ने आरोप लगाया कि गोपनीय चरित्रावली में नियम विरुद्ध हस्तक्षेप किए जाने के बावजूद संबंधित अधिकारी के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। वहीं धार जिले के प्रभारी अधिकारी भूपेंद्र सगोरे से जुड़ी कथित वायरल व्हाट्सएप चैट का हवाला देते हुए तबादला प्रक्रिया में वित्तीय लेन-देन की आशंका जताई गई और निष्पक्ष जांच की मांग की गई।

समाजवादी पार्टी ने उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग में ओएसडी के रूप में डॉ. पूजा सिंह की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए। पार्टी का कहना है कि प्रतिनियुक्ति और पदस्थापना प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया गया, जिससे नियुक्ति प्रक्रिया की वैधता पर प्रश्नचिन्ह लगते हैं।

पार्टी ने पूरे स्थानांतरण प्रकरण की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच, लंबित फाइलों की समीक्षा, जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान तथा भ्रष्टाचार या पद के दुरुपयोग की पुष्टि होने पर कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की है। यश भारतीय ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो समाजवादी पार्टी प्रदेशव्यापी आंदोलन का रास्ता अपना सकती है।