बालाघाट, रीतेश सोनी। दक्षिण बैहर में महामारी और बैगा बच्चों की मौतों के मामले को लेकर बालाघाट में रविवार को जिले के प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार एकजुट हुए। पत्रकारों ने बाहर से बुलाए गए करीब 50 इंफ्लुएंसर्स पर स्थानीय मीडिया कर्मियों से बदसलूकी करने और जिले की पत्रकारिता की छवि खराब करने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई।
पत्रकारों का कहना था कि शासन-प्रशासन यदि अपनी छवि सुधारने या डैमेज कंट्रोल के लिए बाहर से इंफ्लुएंसर्स बुलाता है तो उसे स्थानीय पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार की अनुमति नहीं दी जा सकती। पत्रकारों ने चेतावनी दी कि यदि संबंधित लोगों ने माफी नहीं मांगी और इस तरह की हरकतों पर रोक नहीं लगी तो जनसंपर्क विभाग (PRO) से जारी होने वाली सरकारी खबरों का बहिष्कार किया जा सकता है।
अभिजीत दीपके और स्थानीय पत्रकारों से बदसलूकी का आरोप
दक्षिण बैहर के प्रभावित गांवों में बैगा बच्चों की मौत और बीमारी के मामले में स्थानीय पत्रकार लगातार ग्राउंड रिपोर्टिंग करते रहे हैं। शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके प्रभावित गांवों का दौरा करने और पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे थे। पत्रकारों का आरोप है कि इस दौरान बाहर से आए कुछ इंफ्लुएंसर्स ने अभिजीत दीपके और स्थानीय मीडिया कर्मियों के साथ बदसलूकी की।
इस घटना को लेकर पत्रकारों ने कहा कि स्थानीय मीडिया ने प्रभावित क्षेत्र की जमीनी स्थिति को लगातार सामने रखा है। वहीं, इंफ्लुएंसर्स द्वारा बैगा बच्चों की मौत के लिए उनकी सभ्यता और जीवनशैली को जिम्मेदार ठहराने संबंधी वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद क्षेत्र में नाराजगी बढ़ी है।
जनसंपर्क विभाग के अधिकारी ने की पत्रकारों से चर्चा
मामले की गंभीरता को देखते हुए रविवार को संयुक्त संचालक, संभागीय जनसंपर्क कार्यालय जबलपुर, माथन सिंह उइके बालाघाट पहुंचे। उन्होंने स्थानीय पत्रकारों से संवाद कर प्रशासन और मीडिया के बीच संवादहीनता दूर करने की बात कही। पत्रकारों के अनुसार, उन्होंने बाहर से आए इंफ्लुएंसर्स द्वारा की गई बदसलूकी को लेकर पत्रकारों से माफी भी मांगी।
पूर्व सांसद मुंजारे का आरोप—50 से ज्यादा बैगा बच्चों की मौत
इसी बीच पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने प्रेसवार्ता कर दक्षिण बैहर में बच्चों की मौत के मामले को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि अज्ञात बीमारी के चलते अब तक 50 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है और शासन-प्रशासन वास्तविक आंकड़े छिपा रहा है।
मुंजारे ने कहा कि उनके पास मामले से जुड़े प्रमाण हैं और वे बैगा-आदिवासियों को न्याय दिलाने के लिए उच्च न्यायालय की शरण लेंगे। उन्होंने 15 सितंबर को बालाघाट पहुंच रहे नेता प्रतिपक्ष जीतू पटवारी और कांग्रेस की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
मुंजारे ने आरोप लगाया कि भाजपा और कांग्रेस के बीच अंदरूनी गठजोड़ है, जिसके कारण कांग्रेस इस गंभीर मामले में अपेक्षित जमीनी संघर्ष करती नजर नहीं आ रही। उन्होंने कहा कि जिले की छह विधानसभा सीटों में चार पर कांग्रेस के विधायक हैं और जिला पंचायत अध्यक्ष भी कांग्रेस से हैं, इसके बावजूद प्रभावित बैगा परिवारों के पक्ष में प्रभावी आंदोलन दिखाई नहीं दे रहा।
संजय उइके बोले—आंदोलन और धरना प्रदर्शन करना कांग्रेस का काम, मेरा नहीं
मामले को लेकर बैहर विधायक एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष संजय उइके ने कहा कि बाहर से आए इंफ्लुएंसर्स के व्यवहार से वे सहमत नहीं हैं और उनके कृत्य की भर्त्सना करते हैं। उन्होंने कहा कि इंफ्लुएंसर्स को मामले के दोनों पक्ष दिखाने चाहिए थे।
जब उनसे उनके लंबे राजनीतिक कार्यकाल के बावजूद दक्षिण बैहर में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति और महामारी के दौरान बच्चों की मौतों को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े मुद्दे विधानसभा में कई बार उठाए हैं। उनके अनुसार, पिछले 13 वर्षों में उन्होंने इस विषय को 18 बार विधानसभा में उठाया है।
धरना-प्रदर्शन और आंदोलन को लेकर विधायक ने कहा कि आंदोलन करना और धरना देना कांग्रेस का काम है, उनका नहीं। दक्षिण बैहर की मौजूदा स्थिति को लेकर विधानसभा में उनके द्वारा किए गए प्रयासों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उन्होंने इस मामले को उठाया है और इसके बाद मीडिया से बातचीत समाप्त कर दी।
वहीं, स्थानीय पत्रकारों का कहना है कि दक्षिण बैहर की समस्या और महामारी की खबरों को लगातार स्थानीय मीडिया ने प्रमुखता से उठाया और इसे व्यापक स्तर तक पहुंचाया। इसके बाद सर्व आदिवासी समाज के आंदोलन ने भी सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित किया। बालाघाट में हुए आंदोलन के दौरान विधायक संजय उइके के खिलाफ नारेबाजी भी हुई थी, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए।




